‘Cough Syrup Case’ में एक और मासूम की मौत, नागपुर में दम तोड़ने वाला गर्विक 23वां शिकार; श्रीसन फार्मा डायरेक्टर गिरफ्तार
Cough Syrup Case
Cough Syrup Case: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप से जुड़ा मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नागपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक साल के गर्विक पवार ने दम तोड़ दिया। प्रशासन के मुताबिक, अब तक इस कफ सिरप से कुल 23 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे जिले में दहशत का माहौल है।
जहरीले कफ सिरप ने ली मासूमों की जान
यह मामला तब शुरू हुआ जब सर्दी-खांसी से पीड़ित बच्चों को एक संदिग्ध कफ सिरप दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस सिरप में जहरीले रासायनिक तत्व मिले हुए थे, जिन्होंने बच्चों की किडनी को गंभीर रूप से प्रभावित किया। किडनी फेल होने से कई मासूमों की जान चली गई।
परासिया के मोर डोंगरी इलाके के रहने वाले बाबूलाल पवार के बेटे गर्विक को भी यही सिरप दिया गया था। सिरप लेने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, बुखार आने के साथ पेशाब बंद हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
मौतों का आंकड़ा 23 तक पहुंचा
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस ‘कफ सिरप कांड’ में 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि, स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दो और बच्चों की मौत की खबर आई है, लेकिन प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दोपहर में जारी सरकारी रिपोर्ट में आज मृत बच्चे का नाम मयंक पुत्र निलेश सूर्यवंशी बताया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बच्चों के लिए सर्दी-खांसी की दवाओं के वितरण पर सख्त निगरानी बढ़ा दी है।
फार्मा कंपनी के डायरेक्टर की गिरफ्तारी
इस पूरे कांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए SIT ने कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है।
बुधवार देर रात टीम ने उसके ठिकाने पर दबिश देकर उसे पकड़ा। आरोपी पर पहले से 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वह घटना के बाद अपनी पत्नी के साथ फरार था।
जांच के घेरे में प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारी
इस मामले में सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों को बिना किसी मेडिकल जांच के यह सिरप बांटा जा रहा था। अब प्रशासन ने सभी बैच के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं और संबंधित डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टोर्स से पूछताछ की जा रही है।
जनता में डर, सरकार ने दिए सख्त निर्देश
लगातार बढ़ती मौतों से छिंदवाड़ा और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं, राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीर लापरवाही का मामला मानते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और मुफ्त इलाज की घोषणा की है।
