पावर प्लांट हादसा: 4 मजदूरों की मौत, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, 30 दिनों के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट

पावर प्लांट हादसा

पावर प्लांट हादसा

सक्ती: जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती तहसील के डभरा ब्लॉक में स्थित मेसर्स आर.के.एम. पावरजेन प्राइवेट लिमिटेड के पावर प्लांट में हुई भयानक लिफ्ट दुर्घटना के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने दंडाधिकारी जांच का आदेश जारी किया है। डभरा के एसडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

दुर्घटना का संक्षिप्त विवरण:

7 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 8 बजे प्लांट के बॉयलर सेक्शन में मेंटेनेंस के दौरान लिफ्ट टूटकर नीचे गिर गई। इस हादसे में कुल 10 श्रमिक घायल हुए, जिनमें से 4 ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य घायल श्रमिकों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जांच के बिंदु:

दुर्घटना कब और कैसे हुई?

घटना स्थल पर कौन-कौन से श्रमिक कार्यरत थे और कौन-कौन घायल या मृत हुए?

दुर्घटना के कारण क्या थे — मानवीय त्रुटि या तकनीकी खराबी?

प्रोडक्शन शुरू होने से लेकर दुर्घटना तक कंपनी में निरीक्षण कब-कब हुए और उनमें क्या खामियां पाई गईं?

भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुझाव दिए जा सकते हैं?

अन्य आवश्यक पहलुओं पर जांच अधिकारी की राय।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध:

डभरा पुलिस ने घटना के बाद गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अवहेलना के चलते कंपनी के मालिकों, निदेशकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 106(1), 289 एवं 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है उनमें शामिल हैं: कंपनी के ओनर और डायरेक्टर डॉ. अंडल अरमुगम, डायरेक्टर टी.एम. सिंगरवेल, फैक्ट्री मैनेजर सम्मुख राव, बॉयलर मेंटेनेंस हेड कमलेश कुमार अग्रवाल, सेफ्टी ऑफिसर मनोज राउत, पी एंड एम अधिकारी वेसलीमणि, लिफ्ट इंजीनियर कृष्णा गौरव ।

सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिए कड़ा कदम:

प्लांट परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

Youthwings