वेतन बढ़ाने की मांग पर अड़े कोटवार, 700 की संख्या में निकाली रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से सेवा दे रहे कोटवारों की आर्थिक स्थिति अब भी दयनीय बनी हुई है। राज्य शासन द्वारा उनके हित में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से कोटवारों में नाराजगी है। इसी के चलते कल राजनांदगांव कोटवार संघ ने रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

कोटवार संघ का कहना है कि छत्तीसगढ़ के कोटवारों को अब तक वह वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जो अन्य राज्यों में समान पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलती हैं। संघ ने बताया कि जहां अन्य राज्यों में कोटवारों को 12,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाता है, वहीं छत्तीसगढ़ में उन्हें मात्र 6,000 रुपये मिलते हैं। इस असमानता को दूर करने की मांग को लेकर जिले भर के लगभग 700 कोटवारों ने विरोध रैली में हिस्सा लिया। यह रैली कलेक्टर कार्यालय से शुरू होकर राम दरबार तक निकाली गई।

कोटवार संघ ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1 अक्टूबर 2023 को कोटवारों के हित में पारित आदेश को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि राज्य के कोटवारों का पारिश्रमिक बढ़ाया जाए और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं।

इसके अलावा, संघ ने यह भी मांग की है कि सेवा अवधि और ग्राम की श्रेणी के अनुसार कोटवारों को लाभ प्रदान किए जाएं। सेवा मुक्त होने पर कोटवारों को 5 लाख रुपये की राशि दी जाए तथा प्रत्येक वर्ष बिना हड़ताल के कार्य करने वाले कोटवारों को 1 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ के कोटवारों की वर्दी खाकी रंग की की जाए ताकि उनकी पहचान और गरिमा बनी रहे।

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