बस्तर माओवादी संगठन को बड़ा झटका, वरिष्ठ माओवादी ने किया आत्मसमर्पण
जगदलपुर। बस्तर में सक्रिय माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। दक्षिण बस्तर के वरिष्ठ डिवीजन कमेटी सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य मंदा रूबेन उर्फ कन्नन्ना उर्फ मंगन्ना (67 वर्ष) ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। रूबेन के ऊपर छत्तीसगढ़ सरकार ने 8 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
जानकारी के मुताबिक, बिगड़ती सेहत और लगातार घटते जनसमर्थन के कारण रूबेन ने हथियार छोड़ने का फैसला लिया। उसने तेलंगाना के वारंगल में पुलिस आयुक्त सनप्रीत सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि लंबे समय से बीमार चल रहे रूबेन ने संगठन की गतिविधियों से खुद को अलग करने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उन्हें राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत राहत राशि का चेक प्रदान किया।
बस्तर में माओवाद विरोधी अभियान का असर
बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे माओवाद विरोधी अभियान का असर लगातार देखने को मिल रहा है। एक के बाद एक माओवादी नेताओं का आत्मसमर्पण यह दर्शाता है कि अब संगठन की पकड़ कमजोर पड़ने लगी है। सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन लगातार जंगल क्षेत्रों में माओवादियों के ठिकानों पर दबाव बना रहे हैं।
इस साल अब तक 410 माओवादी कर चुके हैं आत्मसमर्पण
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से अब तक 421 माओवादी गिरफ्तार, 410 माओवादी आत्मसमर्पण, और 137 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
वहीं, अगर पिछले साल के आंकड़े देखें तो 1 जनवरी 2024 से अब तक कुल 924 माओवादी गिरफ्तार, 599 ने आत्मसमर्पण, और 195 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि सरकार की पुनर्वास नीति और सख्त कार्रवाई के चलते माओवादियों का मनोबल तेजी से गिर रहा है।
