‘बधाई हो साथियों, सुना है भोपाल से प्रेम पत्र आया है’: कांग्रेस के 50 पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के भीतर गुटबाजी और अनुशासनहीनता को लेकर विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। उज्जैन में पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में प्रदेश कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाते हुए 50 से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है।

अनुशासन समिति ने जारी किए नोटिस

मध्यप्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने उज्जैन जिले के 50 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि ये सभी नेता और कार्यकर्ता “समानांतर कांग्रेस” चलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे संगठन की एकता और अनुशासन को ठेस पहुंच रही है। समिति ने सभी से 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। तय समय में जवाब नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

चेतन यादव का तंज: “भोपाल से आया प्रेम पत्र”

नोटिस जारी होने के बाद प्रदेश कांग्रेस महासचिव चेतन यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “बधाई हो साथियों, सुना है भोपाल से प्रेम पत्र आया है।” उनके इस पोस्ट के बाद पार्टी के अंदर की खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। यादव का यह बयान सीधे तौर पर प्रदेश नेतृत्व पर कटाक्ष माना जा रहा है।

जिला अध्यक्ष की नियुक्ति पर भड़के कार्यकर्ता

विवाद की जड़ जिला अध्यक्ष महेश परमार की नियुक्ति को बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने परमार की नियुक्ति का विरोध करते हुए खुलेआम प्रदर्शन किया था। विरोध की चरम स्थिति तब देखने को मिली जब प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष का पुतला जलाया गया।

किसान न्याय यात्रा बनी विवाद की वजह

पार्टी के अंदर की फूट यहीं खत्म नहीं हुई। 12 सितंबर को जब कांग्रेस ने किसान न्याय यात्रा निकाली, तब कुछ असंतुष्ट नेताओं ने इस यात्रा के समानांतर एक अलग कार्यक्रम आयोजित किया। इससे पार्टी के भीतर गुटबाजी और स्पष्ट रूप से उजागर हो गई।

कांग्रेस की एकता पर सवाल

लगातार बढ़ रही अंदरूनी लड़ाई ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उज्जैन का यह विवाद अब प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच चुका है। पार्टी आलाकमान के लिए यह तय करना मुश्किल हो गया है कि अनुशासनहीन नेताओं पर सख्ती की जाए या समझौते का रास्ता निकाला जाए।

 

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