RJD में भाई-भतीजावाद की राजनीति, तेज प्रताप ने तेजस्वी को दिया मर्यादा का पाठ
Tej Pratap Yadav vs Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में जारी अंदरूनी कलह एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है। RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर फिर से निशाना साधा है। यह बयान तेजस्वी के उस आरोप के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेज प्रताप पार्टी में रहते हुए भी RJD के उम्मीदवारों के खिलाफ प्रत्याशी खड़े करते रहे हैं।
भाई के तौर पर मर्यादा का पाठ
तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “छोटे भाई हैं तो उन्हें समझना चाहिए, कौन राम है, कौन लक्ष्मण है। उन्हें मर्यादा दिखानी चाहिए और बड़े भाई का सम्मान करना चाहिए। खैर, मैं इन बातों पर ध्यान नहीं दे रहा, वह जो भी कर रहे होंगे, अपने बुद्धि और विवेक से कर रहे होंगे।”
तेज प्रताप ने तेजस्वी के सलाहकारों पर भी हमला बोलते हुए कहा, “हो सकता है जयचंद लोग उन्हें सलाह दे रहे हों। अपनी बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल करना भी सीखना चाहिए।”
सीट बंटवारे और गठबंधन पर बयान
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तेज प्रताप ने कहा कि उनकी पार्टी अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट-बंटवारे की रणनीति दशहरे के बाद घोषित करेगी। उन्होंने कहा, “हम जनता के लिए हैं और जनता के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर चुके हैं। पूरे राष्ट्र को विजयदशमी की शुभकामनाएं।” इसके साथ ही उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती का भी स्मरण कराया।
RSS और गांधीवाद पर नजर
तेज प्रताप ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आजादी की लड़ाई में RSS का कोई योगदान नहीं रहा। महात्मा गांधी के साथ क्या हुआ, यह सब जानते हैं। इसलिए हम गांधीवादी हैं और गांधी, लाल बहादुर शास्त्री में विश्वास रखते हैं।” इस बयान के साथ उन्होंने खुद को स्वतंत्रता सेनानियों और गांधीवादी सिद्धांतों से जोड़कर पेश किया।
