अमेरिका जा रहे थे नेतन्याहू, गिरफ्तारी से बचने के लिए बदला हवाई रास्ता, जानिए पूरा मामला

न्यूयॉर्क। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका पहुंचे, लेकिन उनकी इस यात्रा का सबसे चर्चित पहलू उनका हवाई मार्ग बना। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट से बचने के लिए उन्होंने ऐसा रास्ता चुना, जिससे उन देशों के हवाई क्षेत्र को पूरी तरह टाला, जो आईसीसी को मान्यता देते हैं।

गिरफ्तारी वारंट से बचने की रणनीति

गाजा में कथित युद्ध अपराधों के आरोपों पर आईसीसी ने नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आरोप है कि उनके कार्यकाल में इजरायली सेना ने गाजा में हजारों निर्दोष लोगों की हत्या की। हालांकि, इजरायल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए आईसीसी की वैधता पर सवाल उठाया है। अमेरिका भी इजरायल के समर्थन में आईसीसी के जजों और जांचकर्ताओं पर प्रतिबंध लगा चुका है।

किन देशों से बचा विमान

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, नेतन्याहू का सरकारी विमान विंग ऑफ ज़ायोन स्पेन समेत उन देशों के हवाई क्षेत्र से नहीं गुज़रा, जिन्होंने आईसीसी वारंट का समर्थन किया है। माना जा रहा है कि अगर वह इन देशों के क्षेत्र में प्रवेश करते, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता था।

अमेरिका रवाना होने से पहले बयान

अमेरिका जाने से पहले नेतन्याहू ने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीनी राज्य का समर्थन करने वाले नेताओं की कड़ी निंदा करेंगे और “इजरायल के नागरिकों, आईडीएफ सैनिकों और देश की सच्चाई” को दुनिया के सामने रखेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं उन नेताओं की आलोचना करूंगा जो हत्यारों और आतंकवादियों को इजरायल की जमीन पर राज्य देना चाहते हैं। ऐसा कभी नहीं होगा।”

ट्रंप से चौथी मुलाकात

नेतन्याहू ने यह भी बताया कि वह वाशिंगटन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चौथी बार मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह हमास के खिलाफ चल रहे युद्ध, बंधकों की रिहाई, ईरान पर सख्ती और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।

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