रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू, कौन बनेगा पहला कमिश्नर? दौड़ में 4 IPS अधिकारी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के बाद अब पुलिस मुख्यालय में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर कौन होगा?
सूत्रों के अनुसार इस पद के लिए चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। इनमें सबसे आगे बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. (2003 बैच), मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत (2005 बैच), रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा (2005 बैच) और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अजय यादव (2004 बैच) शामिल हैं। अजय यादव पहले भी रायपुर में एसएसपी रह चुके हैं।
अधिकारियों का प्रोफाइल
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सुंदरराज पी. : लंबे समय से बस्तर में माओवादियों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं और राज्य व केंद्र, दोनों स्तरों पर उनकी पकड़ मानी जाती है।
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राहुल भगत : मुख्यमंत्री के सचिव और बेहद करीबी अफसर।
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अमरेश मिश्रा : फिलहाल रायपुर रेंज के आईजी और ईओडब्ल्यू-एसीबी के चीफ भी हैं।
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अजय यादव : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से ताल्लुक रखते हैं और पहले रायपुर में एसएसपी रह चुके हैं।
एडीजी या आईजी, किस स्तर का अधिकारी होगा कमिश्नर?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर एडीजी स्तर का होगा या आईजी स्तर का। इसको लेकर मुख्यालय में अटकलों का बाजार गर्म है।
मध्य प्रदेश मॉडल का अध्ययन
छत्तीसगढ़ सरकार इस नई प्रणाली को लागू करने से पहले मध्य प्रदेश की पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था का अध्ययन कर रही है। वहां एडीजी रैंक का अधिकारी पुलिस आयुक्त होता है, आईजी रैंक के अधिकारी संयुक्त पुलिस आयुक्त और डीआईजी रैंक के अधिकारी अपर पुलिस आयुक्त बनाए जाते हैं। इनके जिम्मे क्राइम और कानून-व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग काम रहते हैं।
जानकारी के अनुसार, सेटअप तैयार करने और पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने में करीब दो से तीन महीने लग सकते हैं। अनुमान है कि नवंबर या दिसंबर तक रायपुर में पहला पुलिस कमिश्नर पदस्थ हो जाएगा।
