उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: सांसदों के नाम और साइन तक निकले फर्जी… सिर्फ दो उम्मीदवारों के नामांकन वैध, बाकी खारिज

देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। सितंबर में होने वाले चुनाव के लिए एनडीए और इंडिया गठबंधन ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। निर्वाचन अधिकारी की जांच के बाद केवल दो नामांकन ही वैध पाए गए हैं। अब मुकाबला सीधे-सीधे एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्ष समर्थित उम्मीदवार बुचिरेड्डी सुदर्शन रेड्डी के बीच होगा।

नामांकन की जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

निर्वाचन आयोग ने बताया कि 7 से 21 अगस्त 2025 के बीच उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 46 उम्मीदवारों ने 68 नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से प्रारंभिक जांच में ही 19 उम्मीदवारों के 28 नामांकन अस्वीकृत कर दिए गए थे। 22 अगस्त को शेष 27 उम्मीदवारों के 40 नामांकन की संवीक्षा की गई। जांच में ज्यादातर नामांकन राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति निर्वाचन अधिनियम, 1952 के प्रावधानों के अनुसार खारिज कर दिए गए।

फर्जी दस्तखत का मामला

नामांकन की जांच के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। केरल के उम्मीदवार Joemon जोसेफ के नामांकन पत्र में सांसदों के फर्जी दस्तखत पाए गए। उनके नामांकन में 22 प्रस्तावक और 22 समर्थकों के हस्ताक्षर बताए गए थे। जांच के दौरान कई सांसदों ने पुष्टि की कि उन्होंने दस्तखत नहीं किए थे। दिलचस्प बात यह रही कि इस नामांकन में एक ऐसे सांसद के दस्तखत भी शामिल थे जो फिलहाल जेल में बंद हैं। इस गड़बड़ी के चलते उनका नामांकन तुरंत खारिज कर दिया गया।

कौन हैं मैदान में बचे उम्मीदवार?

नामांकन की छानबीन के बाद केवल दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए। इनमें एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन शामिल हैं, जो तमिलनाडु से आते हैं और इस समय महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। वहीं विपक्ष की ओर से इंडिया गठबंधन ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज और तेलंगाना से आने वाले बुचिरेड्डी सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। इसी वजह से इस चुनाव को “दक्षिण बनाम दक्षिण” की लड़ाई भी कहा जा रहा है।

कब होगा चुनाव?

जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित किया। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर को होगा और उसी दिन नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। 25 अगस्त तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं।

अब साफ है कि देश को 9 सितंबर को नया उपराष्ट्रपति मिलेगा और ये तय मुकाबला सी.पी. राधाकृष्णन और सुदर्शन रेड्डी के बीच होगा।

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