विरेंद्र तोमर का बड़ा खुलासा: ठाट-बाट की जिंदगी के लिए चुना सूदखोरी का रास्ता, अब पुलिस रिमांड में उगल रहा राज
रायपुर पुलिस रिमांड में चल रहे सूदखोर विरेंद्र तोमर ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। तोमर ने बताया कि वह और उसका भाई ठाट-बाट की जिंदगी जीना चाहते थे। पहले वे अंडा ठेला लगाते थे, जिससे मुश्किल से दो वक्त की रोटी का जुगाड़ होता था। आर्थिक तंगी ने परिवार को तोड़ दिया था और इसी से बचने के लिए उसने ऐसे लोगों की संगत की जो सूदखोरी और गुंडागर्दी में शामिल थे।
सूदखोरी से बनने लगा अमीर, भाई को भी जोड़ा धंधे में
इस संगत के बाद तोमर की जिंदगी बदलने लगी। सूदखोरी से तेजी से पैसा आने लगा और कुछ ही समय में उसकी आर्थिक स्थिति सुधर गई। लालच बढ़ा तो उसने इस धंधे को अपने भाई रोहित तोमर के साथ मिलकर आगे बढ़ाया। दोनों ने मिलकर लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा देना शुरू किया और वसूली के लिए गुंडागर्दी और दबाव का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस को शक है कि दोनों भाइयों ने कई कारोबारियों और राजनेताओं के काले धन को भी ब्याज के कारोबार में लगाया है। इस धंधे से हर महीने वे उधार लेने वालों से भारी रकम वसूलते थे।
दो महीने से भाई से नहीं है संपर्क
टिकरापारा थाना क्षेत्र के सीएसपी ने बताया कि पूछताछ में विरेंद्र ने कहा है कि फरारी के दौरान दोनों भाई अलग हो गए थे। पहले मोबाइल पर संपर्क बना हुआ था, लेकिन पिछले दो महीने से रोहित से कोई संपर्क नहीं है। पुलिस को उसके इस बयान पर संदेह है और अब मोबाइल कॉल डिटेल्स ट्रेस की जा रही हैं ताकि फरार रोहित तोमर का पता लगाया जा सके।
भाठागांव स्थित बंगले से नकदी, गहने और दस्तावेज जब्त
पुलिस ने तोमर बंधुओं के भाठागांव स्थित आलीशान बंगले में छापा मारकर भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के गहने और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए थे। जांच में सामने आया है कि यह संपत्ति भी सूदखोरी के पैसों से अर्जित की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन लोगों से यह रकम वसूली गई थी।
हथियारों की सप्लाई को लेकर भी जांच तेज
छापेमारी के दौरान पुलिस को रिवाल्वर, कारतूस और अन्य अवैध हथियार भी मिले थे। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि ये हथियार कहां से और किसके जरिए लाए गए। संभावना है कि यह नेटवर्क सूदखोरी से जुड़े अन्य आपराधिक तत्वों से जुड़ा हुआ हो।
ग्वालियर से गिरफ्तार, 14 नवंबर तक रिमांड पर
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने विरेंद्र सिंह तोमर को ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। रायपुर लाने के बाद कोर्ट में पेश कर उसे 14 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फिलहाल पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक फरार भाई रोहित तोमर के ठिकाने का कोई सुराग नहीं मिला है।
