बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम – वाहनों की लगी लंबी कतारें
रायपुर। लगातार बिजली कटौती से परेशान आरंग ब्लॉक के ग्राम रसनी के ग्रामीणों ने शनिवार शाम बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। करवा चौथ के दिन शाम पांच बजे से बिजली गुल रहने से नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 53 (मुंबई-कोलकाता मार्ग) पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों तक ठप रहा।
बिजली कटौती बनी सिरदर्द, ग्रामीण बोले – हर दिन घंटों अंधेरा
जानकारी के अनुसार, मौसम खराब होने के बाद शाम पांच बजे से गांव की बिजली बंद थी। लेकिन देर रात तक सप्लाई बहाल नहीं होने से ग्रामीणों का सब्र टूट गया। सभी लोग एकजुट होकर हाईवे पर उतर आए और विद्युत विभाग और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कई दिनों से गांव में अघोषित बिजली कटौती हो रही है। त्योहारों के समय जब हर घर में तैयारियां चल रही हैं, तब बार-बार बिजली जाना लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है।
करवा चौथ की रात अंधेरे में डूबा गांव
ग्रामीणों का कहना है कि आज करवा चौथ जैसे विशेष अवसर पर भी शाम से ही गांव अंधेरे में डूबा रहा। महिलाओं ने कहा कि “पूरे दिन व्रत रखने के बाद शाम को पूजा करने का समय आया तो बिजली नहीं थी। इससे पूरा माहौल खराब हो गया।”
कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे लोगों में भारी नाराजगी है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर, ग्रामीणों को मनाने की कोशिश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही आरंग पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि बिजली सप्लाई जल्द बहाल की जाएगी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिखी, लेकिन लोग तब तक डटे रहे जब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं मिला।
ग्रामीणों की मांग – स्थायी समाधान चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं
ग्रामीणों ने कहा कि अब वे सिर्फ आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि हर दिन कई घंटे बिजली गुल रहती है, जिससे घरों के काम, व्यापार और खेती पर असर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने जल्द स्थिति नहीं सुधारी, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
त्योहारी सीजन में बिजली कटौती ने ग्रामीण इलाकों में गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। रसनी गांव की घटना ने यह साफ कर दिया है कि लोग अब बार-बार की बिजली समस्या को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। प्रशासन और विद्युत विभाग को जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है, वरना विरोध प्रदर्शन और बढ़ सकते हैं।
