होर्मुज में ड्रोन हमले के बाद अमेरिका का ईरान पर पलटवार, ट्रंप बोले- सीजफायर का ‘बेवकूफी भरा उल्लंघन’
अमेरिकी CENTCOM ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन साइट्स पर किए जवाबी हमले, ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का लगाया आरोप
वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की चिंगारी फिर भड़कने लगी है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक कार्गो शिप पर ड्रोन हमला किया। इसके बाद अमेरिका ने तुरंत ईरान पर करारा पलटवार करते हुए उसकी मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया।
होर्मुज में कार्गो शिप पर ड्रोन हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे। इनमें से एक ड्रोन सीधे एक महंगे कमर्शियल शिप के ऊपरी हिस्से से टकराया, जिससे जहाज को नुकसान पहुंचा। बाकी तीन ड्रोन को अमेरिकी सेना ने हवा में ही मार गिराया।
ट्रंप ने इस हमले को सीजफायर समझौते का ‘बेवकूफी भरा उल्लंघन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई।
अमेरिका का पलटवार
ट्रंप के बयान के कुछ ही देर बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए हैं। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि 26 जून को अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ जवाबी हमले किए। यह कार्रवाई उस हमले के जवाब में की गई, जिसमें 25 जून को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ओमान तट के पास गुजर रहे एक कारोबारी जहाज को निशाना बनाया गया था।
ईरान का बयान
ईरान ने अमेरिकी हमलों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इससे पहले कहा था कि वे किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देंगे। इस घटना ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है।
इजराइल-लेबनान समझौते का मसौदा
इधर, अमेरिकी विदेश विभाग ने वॉशिंगटन में तैयार हुए इजराइल-लेबनान समझौते का 14-पॉइंट मसौदा जारी किया है। इसके मुताबिक, लेबनानी सेना पूरे देश में दोबारा अपना नियंत्रण संभालेगी। इसके बदले हिजबुल्लाह जैसे हथियारबंद समूहों को हथियार छोड़ने होंगे और उनके ठिकाने हटाने होंगे। ऐसा होने के बाद इजराइली सेना धीरे-धीरे लेबनान के कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटेगी।
फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच सीधे युद्ध की आशंका एक बार फिर बढ़ गई है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच अप्रैल 2025 में सीधे संघर्ष हुआ था, जब अमेरिका ने ईरानी सुप्रीम लीडर को अलग करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था। एशिया और यूरोप के बीच सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है। अब सभी की निगाहें ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
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