5-5 लाख के इनामी दो माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 2010 से थे सक्रिय
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और सफलता मिली है। गरियाबंद जिले में शुक्रवार को दो सक्रिय माओवादियों, जिन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था, ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें एसडीके एरिया कमेटी के सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं।
बस्तर के रहने वाले, 2010 से सक्रिय
पुलिस के अनुसार, दोनों मूल रूप से बस्तर जिले के रहने वाले हैं और वर्ष 2010 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे। इस दौरान वे सुरक्षा बलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ सहित 10 से अधिक गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे।
पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर लिया निर्णय
पुलिस ने बताया कि दोनों ने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के बाद अब उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने और पुनर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दोनों का नक्सली इतिहास
संतोष (लालपवन): 2010 से 2021 तक विभिन्न एरिया कमेटियों में सक्रिय रहा। गरियाबंद, धमतरी और बस्तर क्षेत्र में गतिविधियां चलाईं।
मंजू (नंदे): वर्ष 2002 से नक्सली संगठन से जुड़ी थीं और पीएलजीए सदस्य रहीं। गरियाबंद-उदंती-सीतानदी क्षेत्र में सक्रिय रहीं।
इनके आत्मसमर्पण को सरकार की पुनर्वास नीति की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
