Twisha Sharma Case: 13 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार, भाई ने दी मुखाग्नि.. AIIMS की टीम ने दोबारा पोस्टमार्टम के बाद सौंपा शव
भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर हुआ ट्विशा का अंतिम संस्कार, दिल्ली AIIMS की टीम ने क्राइम सीन रिक्रिएट किया, रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी
भोपाल। आज ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 13 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उनके परिजनों ने उन्हें मुखाग्नि दी। भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर शाम के समय यह अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इससे पहले दिल्ली एम्स (AIIMS) की डॉक्टरों की टीम ने दोबारा पोस्टमार्टम किया था, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया। यह पूरे मध्यप्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ट्विशा के भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर परिवार के साथ-साथ आसपास के लोग और न्याय की मांग को लेकर इकट्ठा हुए कई नागरिक मौजूद थे। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरा वातावरण शोकाकुल था।
13 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार
ट्विशा शर्मा की मौत 11-12 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया था, लेकिन परिजनों ने इसे खारिज करते हुए हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद 13 दिनों तक शव को सुरक्षित रखा गया और अंततः दूसरा पोस्टमार्टम दिल्ली AIIMS से कराया गया। अंतिम संस्कार से ठीक पहले परिवार ने फिर से न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने कहा, “हमारी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, चाहे कितना भी समय लगे।”
अंतिम संस्कार के बाद परिवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे AIIMS की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से भी मांग की कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
AIIMS टीम ने क्राइम सीन रिक्रिएट किया, रिपोर्ट कोर्ट में पेश होगी
दिल्ली AIIMS की फोरेंसिक टीम ने दूसरा पोस्टमार्टम करने के बाद आरोपी सास गिरिबाला सिंह के घर पहुंचकर पूरे क्राइम सीन को रिक्रिएट किया। टीम करीब 15 मिनट तक घर पर रुकी और घटना के समय की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। यह टीम अब अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
परिजनों का आरोप है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशानों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों के रसूख के चलते जांच प्रभावित करने का भी आरोप लगाया था। अब AIIMS की रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा कि मौत के वास्तविक कारण क्या हैं।
मामले में क्या है अब तक की कार्रवाई?
मामले में सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर प्रताड़ना और दहेज का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक दोनों आरोपियों से पूछताछ की है, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिजन लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। इसके बाद अब दबाव बढ़ गया है कि सरकार इस मामले को हाई-लेवल जांच को सौंपे।
वहीं, ट्विशा के पिता और भाई ने अंतिम संस्कार के दौरान कहा कि वे अब तक धैर्य रखे थे, लेकिन अगर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को फांसी नहीं लगाई गई थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी।
भदभदा विश्राम घाट पर सैकड़ों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर जैसे ही ट्विशा का शव अंतिम संस्कार के लिए लाया गया, वहां सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। कई महिलाएं और युवा ट्विशा को अंतिम विदाई देने पहुंचे। लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और न्याय का आश्वासन दिया। पूरे श्मशान घाट में ‘ट्विशा को न्याय दो’ के नारे गूंजते रहे।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार ने सभी से प्रार्थना करने का आग्रह किया कि ट्विशा की आत्मा को शांति मिले। साथ ही, उन्होंने दोहराया कि वे तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती।
AIIMS रिपोर्ट और कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी निगाहें
फिलहाल, अब सभी की नजरें दिल्ली AIIMS की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह रिपोर्ट जितनी जल्दी कोर्ट में पेश होगी, उतनी ही जल्दी मामले की दिशा तय होगी। परिजनों की मांग है कि अगर रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है, तो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए।
ट्विशा शर्मा का यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर लगातार #JusticeForTwisha ट्रेंड कर रहा है। परिवार को हर तरफ से समर्थन मिल रहा है। अब देखना यह है कि AIIMS की रिपोर्ट क्या कहती है और क्या इस मामले में वास्तविक न्याय हो पाता है।
