तुर्कमान गेट हिंसा: 12 दिन की न्यायिक हिरासत में 8 आरोपी, अब तक 13 गिरफ्तार…
नई दिल्ली : तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा मामले में दिल्ली की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 8 आरोपियों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने पाया कि हिंसा के दौरान इन आरोपियों की मौजूदगी प्रथम दृष्टया स्पष्ट है। इन आरोपियों को 21 जनवरी तक जेल में रखा जाएगा और 22 जनवरी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
5 आरोपियों ने लगाया मारपीट का आरोप
इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की है। इन आरोपियों के वकीलों ने अदालत को बताया कि जेल परिसर में अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की। अदालत ने इस गंभीर आरोप पर जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया है और पांचों आरोपियों का मेडिकल रिकॉर्ड अगली सुनवाई तक पेश करने का आदेश दिया है।
अब तक 13 गिरफ्तारियां
पुलिस ने बताया कि हिंसा के संबंध में अब तक एक किशोर सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी गिरफ्तारियां सीसीटीवी फुटेज और पुलिसकर्मियों की पहचान के आधार पर की गई हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास), दंगा करने, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
हिंसा के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कुछ के सिर और महत्वपूर्ण अंगों में चोटें आईं। पुलिस ने कहा कि घायल पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है।
36,000 वर्ग फुट क्षेत्र मुक्त, मस्जिद को नहीं पहुंचा नुकसान
नगर निगम आयुक्त विवेक कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान 36,000 वर्ग फुट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सोशल मीडिया पर मस्जिद गिराए जाने की अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और पुलिस व नगर निगम कर्मियों पर पथराव किया।
हिंसा कैसे भड़की?
हिंसा मंगलवार रात रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान भड़क उठी। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर MCD ने 17 बुलडोजर के साथ डिमोलिशन ड्राइव शुरू की थी। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया और पुलिस-MCD टीम पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
अभियान के कारण इलाके में ट्रैफिक पर भारी असर पड़ा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर रामलीला मैदान, JLN मार्ग, अजमेरी गेट, मिंटो रोड, दिल्ली गेट, BSZ मार्ग और NS मार्ग पर भारी जाम की आशंका जताई है। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
अतिक्रमण विवाद की पृष्ठभूमि
मामला रामलीला मैदान की जमीन पर अतिक्रमण से जुड़ा है। एक NGO ने MCD को शिकायत की थी। MCD, L&DO और DDA ने 16 अक्टूबर 2025 को ज्वाइंट सर्वे किया, जिसमें 2512 स्क्वायर फीट PWD जमीन और फुटपाथ पर अतिक्रमण पाया गया। एक अन्य फाउंडेशन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को MCD को तीन महीने के अंदर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था।
पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन जांच जारी है। पथराव करने वालों की पहचान वीडियो फुटेज से की जा रही है। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।
