Naxal Surrender: नक्सल मोर्चे से बड़ी खबर, आज आत्मसमर्पण करेगा टॉप नक्सल लीडर सोनू उर्फ भूपति, साथ होंगे 61 साथी
Naxal surrender
Naxal Surrender: नक्सल संगठन से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में से एक सोनू उर्फ भूपति आज महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में अपने 61 साथियों के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण करने वाला है। यह कदम नक्सल इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि भूपति संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य, सेंट्रल कमेटी सदस्य, सीआरबी सचिव और भाकपा माओवादी का प्रवक्ता रहा है।
नक्सली संगठन में मची खलबली
सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले भूपति द्वारा संघर्ष विराम को लेकर एक प्रेस नोट जारी किया गया था, जिसके बाद नक्सली संगठन में भारी हड़कंप मच गया था। संगठन ने भूपति और उसके साथियों से हथियार छीनने के लिए PLGA को निर्देश दिए थे। बताया जा रहा है कि अब भूपति को अपने ही साथियों से जान का खतरा था, इसी बीच उसके आत्मसमर्पण की पुष्टि हुई है।
70 साल का है भूपति, कई नामों से रहा चर्चित
नक्सल नेता सोनू उर्फ भूपति का असली नाम मल्लोजुला वेणुगोपाल है। वह विवेक, लक्षन्ना, रूसी जैसे कई नामों से जाना जाता है। करीब 69 वर्षीय भूपति तेलंगाना के करीमनगर जिले के पेद्दापल्ली गांव का निवासी है। वह बी.कॉम स्नातक है और उसकी पत्नी डीवीसी ताराबाई आंध्रप्रदेश में रहती हैं। भूपति पर सरकार ने 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित कर रखा है और वह लंबे समय से एके-47 रायफल के साथ नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
50 हथियार भी करेगा सरेंडर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भूपति के साथ 61 नक्सली सदस्य भी आत्मसमर्पण करेंगे। इस दौरान करीब 50 आधुनिक हथियारों को भी सरकार के सामने जमा किया जाएगा। नक्सली संगठन के इतने बड़े गुट का एक साथ आत्मसमर्पण करना पिछले कई वर्षों में पहली बार देखने को मिल रहा है।
दूसरी ओर बस्तर में नक्सलियों की हत्या की वारदात
इधर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। मंगलवार को नक्सलियों ने भाजपा नेता पूनेम सत्यम की बेरहमी से हत्या कर दी। नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाते हुए उसे मौत के घाट उतार दिया। मौके पर से नक्सल पर्चा भी मिला है, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी मद्देड एरिया कमेटी ने ली है।
शव के पास मिला धमकी भरा पर्चा
मिले पर्चे में नक्सलियों ने लिखा है कि “ब्राह्मणीय हिन्दुत्ववादी भाजपा, आरएसएस और विष्णुदेव साय सरकार ने 2026 मार्च तक माओवादी पार्टी के खात्मे का लक्ष्य रखा है। इसी वजह से भाजपा संगठन पुलिस के साथ मिलकर हमारे खिलाफ सूचना एकत्र कर हमले करवा रहा है।”
नक्सलियों ने आगे लिखा कि भाजपा कार्यकर्ता पूनेम सत्यम को कई बार समझाया गया कि वह “पुलिस मुखबिरी” छोड़ दे, लेकिन उसने बात नहीं मानी। संगठन की गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के कारण ही उसे मौत की सजा दी गई।
भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार
पर्चे में नक्सलियों ने लिखा कि पूनेम सत्यम की मौत के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि सरकार के इशारे पर पुलिस नक्सल समर्थकों को टारगेट कर रही है। साथ ही उन्होंने 15 अक्टूबर को भारत बंद का आह्वान किया है।
इस तरह एक ओर जहां नक्सल आंदोलन के सबसे बड़े नेताओं में से एक भूपति आत्मसमर्पण कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नक्सली इलाकों में अब भी हिंसा और हत्याओं की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
