भाजयुमो में इस बार ‘अंडर 35’ का ही दबदबा, नई कार्यकारिणी से बाहर होंगे ओवरएज नेता
रायपुर: छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में अगले माह बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष किरण देव की नई कार्यकारिणी के साथ-साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) को भी नया अध्यक्ष मिलेगा। इसके साथ भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी और सभी जिलों में युवा मोर्चा के अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की इस बार संगठन चुनावों को लेकर गंभीरता स्पष्ट है। जिस तरह से मंडल अध्यक्षों के लिए 45 वर्ष और जिलाध्यक्षों के लिए 60 वर्ष की अधिकतम आयुसीमा तय की गई थी, उसी तर्ज पर अब भाजयुमो के अध्यक्ष व पदाधिकारियों के लिए “अंडर 35” की अनिवार्यता लागू की जाएगी।
पिछली बार का विवाद इस बार नहीं दोहराया जाएगा:
पिछली बार भाजयुमो की कार्यकारिणी में कई ओवरएज नेताओं को पद देने के कारण संगठन को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। हालाँकि इन पदाधिकारियों को हटाने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन तत्कालीन प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के स्थानांतरण के चलते मामला अधूरा रह गया। इस बार संगठन पहले से ही सतर्क है और साफ संदेश दिया गया है कि उम्र सीमा के नियम से कोई समझौता नहीं होगा।
पार्टी नेतृत्व का साफ संकेत:
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं को जिम्मेदारी देने की दिशा में संगठन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंडल और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में उम्र सीमा को सख्ती से लागू करने के उदाहरण से यह पहले ही साबित हो चुका है। कई जगह वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के बावजूद उम्र अधिक होने पर उम्मीदवारों को अध्यक्ष नहीं बनाया गया।
अब यही कसौटी भाजयुमो के लिए भी तय की गई है। न केवल प्रदेश अध्यक्ष, बल्कि प्रदेश कार्यकारिणी और जिला स्तर पर भी सभी पदों पर 35 वर्ष से कम आयु वाले कार्यकर्ताओं को ही मौका मिलेगा।
अमित साहू के कार्यकाल से सबक:
बीते कार्यकाल में अमित साहू को उनके अंडर-35 होने के कारण भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि, बाद में वरिष्ठ नेताओं के दबाव में कार्यकारिणी में कुछ ओवरएज नेताओं को शामिल किया गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। जब इसकी शिकायत डी. पुरंदेश्वरी तक पहुँची, तो उन्होंने न केवल कार्यकारिणी की समीक्षा करवाई बल्कि सभी जिलाध्यक्षों का पूरा विवरण मंगवाया।
