छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की नई भर्ती का रास्ता साफ, पहले चरण में 5000 पदों पर होगी नियुक्ति, भर्ती परीक्षा का जिम्मा व्यापम को
रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा “सुशासन तिहार” के दौरान धमतरी में की गई घोषणा के अनुरूप, पहले चरण में 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की तैयारी चल रही है। विभाग ने इसके लिए नोटशीट आगे बढ़ा दी है और यदि सब कुछ तय समय पर चलता रहा, तो 15 अगस्त तक परीक्षा कार्यक्रम जारी हो सकता है।
कुल 30 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, लेकिन पहले चरण में 5000 पद
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 30,000 शिक्षकों की भर्ती का वादा किया है, लेकिन यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी। पहले चरण में 5000 पदों को भरा जाएगा, जिसमें व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक की तीनों श्रेणियां शामिल होंगी। इसके लिए विभाग द्वारा श्रेणीवार पदों का ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को अनुमोदन के लिए भेजा गया है।
भर्ती परीक्षा का जिम्मा व्यापम को, ऑनलाइन आवेदन होंगे शुरू
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन व्यापम (CG Vyapam) द्वारा किया जाएगा। परीक्षा पूरी तरह से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के तहत होगी और व्यापम ने इसके लिए सहमति भी दे दी है। परीक्षा कार्यक्रम की अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी, जिसके बाद आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी।
इस बार मापदंड होंगे व्यवहारिक, पिछली गलतियों से सबक
पिछली बार की भर्ती प्रक्रिया में हुई कानूनी गड़बड़ियों से सबक लेते हुए, इस बार भर्ती के मापदंडों को व्यवहारिक और स्पष्ट बनाया गया है। पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए नियमों में आवश्यक संशोधन किए गए हैं ताकि कोई विवाद की स्थिति ना बने।
तीन साल बाद हो रही है नई शिक्षक भर्ती
छत्तीसगढ़ में यह करीब तीन वर्षों बाद हो रही बड़ी शिक्षक भर्ती होगी। पिछली सरकार के कार्यकाल में 14 हजार पदों की घोषणा हुई थी, लेकिन 10 हजार से कम पद ही भरे जा सके। नई सरकार अब इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहती है।
बीएड विवाद से सबक, सुप्रीम कोर्ट की हिदायत को गंभीरता से लिया गया
पिछली बार बीएड डिग्रीधारकों को सहायक शिक्षक पद के लिए पात्र मानने के कारण कानूनी पेंच फंसा था, और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2800 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करनी पड़ी थी। इस बार स्कूल शिक्षा विभाग पूरी सावधानी बरत रहा है ताकि ऐसे विवाद फिर ना हों।
