छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेशनल हेराल्ड का मुद्दा गूंजा, विज्ञापन राशि को लेकर सरकार से सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान नेशनल हेराल्ड को जारी किए गए विज्ञापन की राशि का मामला जोर-शोर से उठा। इसके साथ ही बालोद में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और महासमुंद के तेंदुकोना महाविद्यालय के टेंडर से जुड़े मामलों पर भी सरकार को विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ा।
नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन राशि पर उठा सवाल
विधानसभा में विधायक रेणुका सिंह ने नेशनल हेराल्ड अखबार को जारी किए गए सरकारी विज्ञापनों की जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि इस अखबार को कितनी राशि का विज्ञापन जारी किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल हेराल्ड को कुल 3 करोड़ 6 लाख रुपये की विज्ञापन राशि जारी की गई है।
राजनीतिक दल के मुखपत्र को विज्ञापन देने पर बहस
इस मुद्दे पर विधायक सुशांत शुक्ला ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या किसी राजनीतिक दल के मुखपत्र को सरकारी विज्ञापन जारी किया जा सकता है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार में इस तरह की व्यवस्था नहीं होती है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत ही विज्ञापन जारी किए जाते हैं और इसमें पारदर्शिता रखी जाती है।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन जारी किए जाने के मामले को लेकर सदन में विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने गलत तरीके से विज्ञापन जारी किए हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने भी पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आरएनआई (RNI) में पंजीकृत अखबारों को नियमों के अनुसार सरकारी विज्ञापन जारी किए जा सकते हैं।
बालोद में शासकीय जमीन पर कब्जे का मामला
सदन में बालोद जिले में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। विधायक संगीता सिन्हा ने इस संबंध में सरकार से जानकारी मांगी और पूछा कि जिले में कितनी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है और उसे हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई है। इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि अतिक्रमित भूमि से जुड़ी सभी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा कार्रवाई जारी है।
113 अवैध कब्जे हटाने की जानकारी
मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि अब तक 113 अवैध कब्जों को हटाया जा चुका है। इसके अलावा 11 मामलों में वारंट भी जारी किए गए हैं। सरकार द्वारा लगातार अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
महासमुंद में कॉलेज टेंडर को लेकर विवाद
विधानसभा में महासमुंद जिले के तेंदुकोना महाविद्यालय के टेंडर का मुद्दा भी गरमा गया। इस मामले में सदन में दी गई जानकारी को लेकर सरकार को विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ा। मंत्री ने बताया कि कॉलेज निर्माण से संबंधित टेंडर हो चुका है, लेकिन विपक्षी विधायक ने दावा किया कि टेंडर पहले ही रद्द किया जा चुका है और मंत्री को सही जानकारी नहीं दी गई है।
गलत जानकारी देने वाले अधिकारी पर होगी कार्रवाई
सदन में गलत और अपूर्ण जानकारी दिए जाने को लेकर विपक्ष ने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर मंत्री ने घोषणा की कि यदि किसी अधिकारी ने सदन को गलत जानकारी दी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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