Thailand–Cambodia Border : थाई सेना ने कंबोडिया में भगवान विष्णु की मूर्ति तोड़ी, भारत ने जताई कड़ी नाराजगी
Thailand–Cambodia Border
Thailand–Cambodia Border: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद ने अब धार्मिक भावनाओं को आहत करने का रूप ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में थाई सेना के जवान एक एक्सकेवेटर मशीन से कंबोडिया के विवादित प्रीह विहार क्षेत्र में स्थापित भगवान विष्णु की नौ मीटर ऊंची मूर्ति को ध्वस्त करते नजर आ रहे हैं। कंबोडिया ने इसे ‘सांस्कृतिक अपमान’ करार देते हुए थाईलैंड की कड़ी निंदा की है, जबकि भारत ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है।
घटना 22 दिसंबर को घटी, जब थाई सैनिकों ने कंबोडिया के प्रीह विहार प्रांत में स्थित इस मूर्ति को गिरा दिया। कंबोडिया के प्रीह विहार प्रांत के सरकारी प्रवक्ता किम चानपनहा ने बताया कि मूर्ति थाई सीमा से लगभग 100 मीटर दूर कंबोडिया के क्षेत्र में 2014 में स्थापित की गई थी। यह मूर्ति एक चबूतरे पर खड़ी थी और स्थानीय सैन्य इकाई का प्रतीक थी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि थाई सेना ने बुलडोजर का सहारा लेकर मूर्ति को पूरी तरह तोड़ दिया। कंबोडिया के संस्कृति एवं कला मंत्रालय ने इसे ‘सैन्य आक्रामकता’ बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
Thailand–Cambodia Border : थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद 118 वर्ष पुराना है, जिसका केंद्र प्रीह विहार और ता मुएन थॉम जैसे प्राचीन ख्मेर मंदिर हैं। 1907 में फ्रांस के अधीन कंबोडिया के साथ थाईलैंड की सीमा निर्धारित की गई, जिसमें प्रीह विहार मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा दिखाया गया। थाईलैंड ने इसका विरोध किया। 1959 में मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय पहुंचा, जहां 1962 में फैसला आया कि मंदिर कंबोडिया का है। हालांकि, आसपास की भूमि पर दावा आज भी विवादित है। 2008 में यूनेस्को द्वारा प्रीह विहार को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने के बाद तनाव और बढ़ गया। 2013 में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंदिर के साथ-साथ आसपास का क्षेत्र भी कंबोडिया का है और थाई सेना को हटाने का आदेश दिया। पिछले छह महीनों में इस क्षेत्र में झड़पें बढ़ी हैं, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स में बड़े पैमाने पर मौतों या विस्थापन की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
भारत ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा, “धार्मिक प्रतीकों का अपमान दुनिया भर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करता है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिएं।” भारत ने दोनों देशों से संवाद और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। थाईलैंड और कंबोडिया दोनों मुख्य रूप से बौद्ध देश हैं, लेकिन उनकी सांस्कृतिक जड़ें हिंदू धर्म से जुड़ी हैं। हिंदू परंपरा में भगवान बुद्ध को विष्णु का अवतार माना जाता है, इसलिए यह घटना और भी संवेदनशील हो जाती है।

सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया है। X (पूर्व ट्विटर) पर हजारों यूजर्स ने थाईलैंड के खिलाफ नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा, “सीमा विवाद की आड़ में हिंदू देवता की मूर्ति नष्ट करना अस्वीकार्य है। यह आस्था और विरासत पर हमला है, जो असहिष्णुता दिखाता है।” कई ने #BoycottThailand का नारा दिया और थाईलैंड की यात्रा पर रोक लगाने की मांग की। वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है, जिसमें थाई सैनिकों की कार्रवाई को ‘शर्मनाक’ बताया जा रहा है।
