Tej Pratap Yadav Statement: तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान:- “मर जाऊंगा, लेकिन RJD में कभी वापस नहीं जाऊंगा”
Tej Pratap Yadav Statement: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल मचा दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा — “मैं मरना कबूल करूंगा, लेकिन आरजेडी (RJD) में कभी वापस नहीं जाऊंगा।”
‘स्वाभिमान बड़ा है, कोई पद मंजूर नहीं’
सहरसा में मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि उनके लिए स्वाभिमान सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा — “चाहे मुझे कितना भी बड़ा पद क्यों न दिया जाए, लेकिन मैं उस पार्टी में नहीं लौटूंगा, जिसने मेरे सम्मान को ठेस पहुंचाई।”
तेज प्रताप ने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनकी राजनीति नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) के माध्यम से ही आगे बढ़ेगी।
RJD से 6 साल के लिए निष्कासित
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। यह कार्रवाई तब हुई थी जब उनकी कुछ विवादित तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसके बाद से ही तेज प्रताप अपने पिता और भाई तेजस्वी यादव से दूरी बनाए हुए हैं।
तेजस्वी पर बोले – ‘जनता मुख्यमंत्री बनाती है’
जब तेजस्वी यादव को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने पर तेज प्रताप से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा — “मैं क्या करूं? जनता ही मुख्यमंत्री चुनती है, जनता के पास अधिकार है। जब तक हम पार्टी में थे, हमने उनको आशीर्वाद दिया था।”
तेज प्रताप ने मज़ाकिया लहजे में आगे कहा — “छोटे भाई हैं तो आशीर्वाद ही दे सकते हैं, सुदर्शन चक्र तो चला नहीं सकते।”
महुआ सीट से लड़ रहे हैं तेज प्रताप
तेज प्रताप इस बार वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें वहां किसी तरह की चुनौती नहीं है। “मैं किसी को दुश्मन नहीं मानता। हमारा एजेंडा सिर्फ बिहार के विकास के लिए काम करना है,” उन्होंने कहा।
पीएम मोदी पर भी बोले तेज प्रताप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा — “बिहार की जनता का मूड क्या है, यह तो वक्त बताएगा। 14 तारीख को सब तय हो जाएगा कि कौन कहां खड़ा है।”
संघर्ष की राह पर तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह अपनी राजनीतिक राह खुद बनाना चाहते हैं। आरजेडी से दूरी बनाकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि वह किसी भी कीमत पर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।
