स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बुरी खबर: टैंकर पर हमले में तीनों भारतीय नाविकों की मौत, अमेरिका पर लगे गंभीर आरोप

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बुरी खबर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट ओमान के समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक पोत एमटी सेट्टेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि के बाद मामला और गंभीर हो गया है। घटना को लेकर फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने अमेरिकी नौसेना की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। यूनियन का दावा है कि जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू के बारे में अमेरिकी पक्ष को पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद कार्रवाई की गई।

तीन राज्यों के थे मृतक नाविक

FSUI के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि हमले में जान गंवाने वाले तीनों भारतीय नाविक अलग-अलग राज्यों से थे। इनमें एक नाविक हिमाचल प्रदेश, दूसरा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले और तीसरा आंध्र प्रदेश का निवासी था। घटना के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल है।

अमेरिकी कार्रवाई पर उठे सवाल

मनोज यादव ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि अमेरिकी नौसेना को जहाज पर मौजूद क्रू सदस्यों की राष्ट्रीयता की जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जहाज पर सवार भारतीय और अन्य विदेशी नागरिकों की संख्या से संबंधित पूरी जानकारी संबंधित एजेंसियों के पास थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पोत किसी निर्देश का पालन नहीं कर रहा था, तो उसे रोककर हिरासत में लिया जा सकता था, लेकिन हमला क्यों किया गया।

पोत से संपर्क अब भी बाधित

यूनियन के अनुसार, घटना के बाद से पोत के साथ संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। इससे जहाज की स्थिति और हमले से जुड़े कई पहलुओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मामले की विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता

घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय के मुताबिक, एमटी सेट्टेबेलो पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है।

भारतीय दूतावास की नजर

ओमान में स्थित भारतीय दूतावास पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। सरकार प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटी हुई है।

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