श्रीलंका में ईंधन महंगा, 25% तक बढ़े दाम; हड़ताल की चेतावनी से बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आम लोगों और परिवहन क्षेत्र पर भारी दबाव बढ़ गया है।
नई दरों के अनुसार, ऑटो डीजल 303 से बढ़कर 382 रुपये प्रति लीटर, सुपर डीजल 353 से 443 रुपये, पेट्रोल 92 ऑक्टेन 317 से 398 रुपये और 95 ऑक्टेन 365 से 455 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। केरोसिन की कीमतों में भी 30 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, Strait of Hormuz में तनाव और सप्लाई बाधित होने से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर छोटे देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद निजी बस ऑपरेटरों ने कम से कम 15 प्रतिशत किराया बढ़ाने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में हड़ताल की जा सकती है और 90 प्रतिशत बसें सड़कों से हट सकती हैं।
नेशनल ट्रांसपोर्ट कमीशन के अनुसार, डीजल की नई कीमतों के आधार पर बस किराए में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि तय मानी जा रही है, जिस पर जल्द कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
इस फैसले के बाद 2022 के आर्थिक संकट जैसी स्थिति की आशंका भी जताई जा रही है। बढ़ती ईंधन कीमतों से परिवहन लागत और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ेगा, जिसका असर आम जनता और कारोबार पर पड़ना तय है।
