सोनम वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार – पति की रिहाई की मांग

लद्दाख में हालिया हिंसा और तनाव के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 26 प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है। वहीं, हिंसा में चार लोगों की मौत के मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन के इस कदम से क्षेत्र में बढ़े आक्रोश के शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

चार मौतों की जांच शुरू

लद्दाख में भड़की हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई नागरिक और सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। इस मामले में आईएएस अधिकारी मुकुल बेनिवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश मिले हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हिंसा अचानक हुई थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।

मृतकों की पहचान खरनाक के जिग्मेट डोरजे, हानू के रिंचेन दादुल, इगू के स्टैंजिन नमगेल और स्कुरबुचन के त्सेवांग थारचिन के रूप में हुई है। जांच टीम इस पूरी घटना के तथ्यों और उस समय की परिस्थितियों की पड़ताल करेगी।

सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग

इस बीच पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके पति लोगों के हक के लिए लगातार काम कर रहे हैं और उन्हें झूठे आरोपों में बदनाम किया जा रहा है।

वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था। वह 24 सितंबर की हिंसक झड़प के बाद से ही जेल में बंद हैं।

आंदोलन की वजह

लद्दाख में 24 सितंबर को हिंसा उस समय भड़की थी जब लोग केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान झड़पें हुईं जिनमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया था।

 

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