राशन कार्ड घोटाला: 46 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारी संदिग्ध, भौतिक सत्यापन में अब तक 1.93 लाख अपात्र पाए गए

राशन कार्ड घोटाला

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य राशन दुकानों से हर महीने बड़ी संख्या में खाद्यान्न का वितरण हो रहा है, लेकिन इसमें पारदर्शिता की कमी सामने आई है। राज्य में 46 लाख से अधिक राशन कार्ड सदस्यों ने अब तक ई-केवाइसी नहीं कराया, बावजूद इसके उनके नाम पर नियमित रूप से राशन उठाया जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने ऐसे संदिग्ध सदस्यों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन शुरू किया है।

विभागीय जांच में अब तक 1,93,067 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से निरस्त किए जा चुके हैं, क्योंकि ये या तो मृत पाए गए, राज्य से बाहर चले गए या फिर अपात्र थे। भौतिक सत्यापन की यह प्रक्रिया सभी जिलों में तेज़ी से चल रही है।

जिलेवार आंकड़े (कुछ प्रमुख जिले):

रायपुर – 19,574
बिलासपुर – 17,063
दुर्ग – 15,711
कोरबा – 10,221
बस्तर – 4,879
दंतेवाड़ा – 2,168
कवर्धा – 5,375
महासमुंद – 8,437
जशपुर – 9,681
सरगुजा – 8,859
सक्ती – 7,669

और 53 हजार से अधिक नामों पर भी गिरेगी गाज

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, 53,234 और सदस्यों के नाम जल्द ही राशन कार्ड से हटाए जाएंगे। इन सदस्यों में भी कई मृत, राज्य से बाहर चले गए, डुप्लिकेट आधार पर दर्ज या अपात्र लोग शामिल हैं। यह प्रक्रिया फिलहाल प्रक्रियाधीन है।

‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के तहत ई-केवाइसी अनिवार्य

केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्ड सदस्य का ई-केवाइसी कराना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करना है, ताकि वास्तविक पात्र को ही लाभ मिल सके।

रायपुर खाद्य नियंत्रक ने क्या कहा?

रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि जिन सदस्यों ने ई-केवाइसी नहीं कराया है, उनका सघन भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जांच में मृत, अनुपस्थित या अपात्र पाए जाने वाले सदस्यों के नाम निरस्त किए जा रहे हैं।

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