राम मंदिर चंदा चोरी विवाद : चंपत राय ने महासचिव पद छोड़ा, ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी दिया इस्तीफा
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार, एसआईटी जांच के बाद बड़ी कार्रवाई, विपक्ष ने ‘छोटी मछलियों’ को निशाना बनाने का लगाया आरोप
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत और विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस ने गुरुवार को FIR दर्ज की . FIR में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है . इस बीच, बड़ा घटनाक्रम सामने आया है – ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है .
8 आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने चढ़ावा गिनती से जुड़े इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है :
1. रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव: ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के पूर्व ड्राइवर . आरोप है कि दान पेटियों की चाबियां इनके पास रहती थीं .
2. अनुकल्प मिश्रा: चंदा गिनती कार्य के प्रमुख . ट्रस्टी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार .
3. सुभाष श्रीवास्तव: रिटायर्ड बैंक कर्मचारी, चंदा गिनती की निगरानी करते थे .
4. अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा: चंदा गिनने वाले कर्मचारी .
FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 306 (चोरी), 316 (आपराधिक विश्वासघात), 317, 61 (आपराधिक साजिश) और अन्य के तहत दर्ज की गई है . करीब 7-7.5 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है .
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
इस मामले में अब तक का सबसे बड़ा घटनाक्रम ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा है . सूत्रों के अनुसार, दोनों ने चढ़ावा विवाद को लेकर नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ दिया . माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया .
CM योगी का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि SIT की रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई . उन्होंने सख्त चेतावनी दी, “आस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा” . उन्होंने कहा कि अयोध्या हम सबकी आस्था और सनातन धर्म का प्रतीक है और सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ सच को सामने लाएगी . साथ ही, उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर के अस्तित्व को नकारते थे, वे अब इस मामले को राजनीतिक रंग दे रहे हैं .
विपक्ष का आरोप: ‘बड़ी मछलियों’ को बचाने की कोशिश
विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को “छोटी मछलियों” को फंसाने की कोशिश बताया है . समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि FIR में वरिष्ठ ट्रस्टियों का नाम नहीं डालकर “बड़ी मछलियों” को बचाया जा रहा है . पूर्व दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल ने भी इसे “आंखों में धूल झोंकने” की कोशिश करार दिया और कहा कि इतना बड़ा घोटाला निचले स्तर के कर्मचारियों के दम पर नहीं हो सकता . कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने भी इसी तरह के सवाल उठाए
पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, जबकि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी. फिलहाल, इस्तीफों और राजनीतिक हमलों के बीच पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है.
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