रायपुर में देह व्यापार का भंडाफोड़: महिलाओं को नौकरी का लालच देकर कराया जा रहा था शोषण, मास्टरमाइंड महिला गिरफ्तार
रायपुर। राजधानी रायपुर में देह व्यापार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शहर में हड़कंप मचा दिया है। काम देने के बहाने गरीब और मजबूर महिलाओं को बहला-फुसलाकर देह व्यापार के दलदल में धकेला जा रहा था। पुलिस ने भाठागांव स्थित एक मकान में छापा मारकर इस सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुरानी बस्ती थाना पुलिस को 31 मई को सूचना मिली थी कि इटालिया हाउस नामक मकान में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई। पांईटर की मदद से मकान की निगरानी की गई और फिर पुलिस ने छापा मारते हुए रैकेट की मुख्य संचालिका रूषा खरे को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपिया महिला गिरफ्तार, तीन पीड़िताएं मुक्त
गिरफ्तार महिला की पहचान रूषा खरे (38 वर्ष), निवासी अंबेडकर नगर, पेंड्रावन, थाना सरसीवा, जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वह दलाली का काम करते हुए इस अवैध धंधे को चला रही थी। रेड के दौरान मौके से तीन अन्य महिलाओं को भी बरामद किया गया, जिनमें:
- धनेश्वरी मरकाम (सरगुजा)
- बिंदिया सिधार (जांजगीर-चांपा)
- सीताबाई बरेठ (रायगढ़)
शामिल हैं। इन महिलाओं ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्हें काम और अच्छी आमदनी का झांसा देकर रायपुर बुलाया गया था और बाद में उन्हें जबरदस्ती देह व्यापार में धकेल दिया गया।
बरामद हुआ आपत्तिजनक सामान
पुलिस ने रेड के दौरान रूषा खरे के कब्जे से 1500 रुपये नगद, और 14 कंडोम (नए व उपयोग किए गए) जब्त किए हैं। यह रैकेट पूरी योजना और नेटवर्क के साथ संचालित किया जा रहा था, जिसकी जानकारी पुलिस अब खंगाल रही है।
मामला दर्ज, आगे की जांच जारी
इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 4, 5, 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपिया रूषा खरे को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं अन्य पीड़ित महिलाओं से पूछताछ कर मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में नगर पुलिस अधीक्षक राजेश देवांगन, निरीक्षक योगेश कश्यप, उपनिरीक्षक शिशुपाल चंद्रवंशी, महिला प्रधान आरक्षक योगिता मिश्रा, महिला आरक्षक कावेरी चक्रवर्ती, आरक्षक नरेश क्षत्रिय, भुनेश्वर ठाकुर, अनिल चंद्राकर, सुनील शुक्ला, जितेंद्र साहू और कमलेश मांडवी की अहम भूमिका रही।
