जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल भगोड़ा घोषित, गिरफ्तारी पर 5 हजार का इनाम
रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को रायपुर पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। उनकी गिरफ्तारी या सुराग देने वाले को 5 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की गई है। पुलिस ने उद्घोषणा जारी कर कहा कि अमित बघेल पिता रामकुमार बघेल, निवासी रोहनीपुरम (रायपुर) 28 अक्टूबर को अपराध करने के बाद फरार हैं।
विवाद की जड़: महतारी मूर्ति तोड़फोड़ और आपत्तिजनक बयान
मामला 26 अक्टूबर का है, जब रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति क्षतिग्रस्त हुई। इसके विरोध में अमित बघेल ने प्रदर्शन किया और कथित तौर पर अग्रवाल समाज के महाराजा अग्रसेन, सिंधी समाज के भगवान झूलेलाल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर विवादित टिप्पणियां कीं। इनमें मूर्तियों को तोड़ने या अपमान की बातें शामिल बताई गईं, जिससे अग्रवाल व सिंधी समाज में भारी रोष फैला।
इसके बाद कोतवाली, देवेंद्रनगर व सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज हुई। देशभर में सिंधी-अग्रवाल समाज ने विरोध प्रदर्शन किए, बंद叫े और ज्ञापन सौंपे। मुंबई, नासिक, भिलवाड़ा समेत कई शहरों में बघेल के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं। समाज ने NSA व राष्ट्रद्रोह का केस लगाने, पार्टी पर बैन की मांग की।
पुलिस ने बघेल के घर व परिचितों के ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन वह फरार हैं। रविवार रात दुर्ग समेत कई जगह दबिश दी गई। SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने वीडियो मैसेज जारी कर कहा, “कोतवाली व देवेंद्रनगर थाने में दर्ज अपराधों की जांच जारी है। सर्व समाज से अपील है कि आरोप-प्रत्यारोप न करें, शांति बनाए रखें और पुलिस पर भरोसा रखें।”
समाज ने 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, अब गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। बघेल पर पहले से कई केस दर्ज हैं। पुलिस ने आमजन से सूचना देने की अपील की है, गोपनीयता का आश्वासन दिया। मामले से सामाजिक तनाव बढ़ा, लेकिन बड़े मीडिया में व्यापक कवरेज नहीं। जांच जारी, जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद।
