Raigarh Mahila Parshad Marpeet: रायगढ़ में महिला पार्षद से सरेआम मारपीट, साइड देने को लेकर विवाद, गिरफ्तारी नहीं होने पर थाने के सामने प्रदर्शन
Raigarh Mahila Parshad Marpeet: Raigarh में महिला पार्षद के साथ सरेआम मारपीट का मामला सामने आने के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। वार्ड क्रमांक 31 की पार्षद Trinisha Chauhan अपने परिवार के साथ देर रात एक शादी समारोह से लौट रही थीं, इसी दौरान रास्ते में साइड देने को लेकर कुछ युवकों से विवाद हो गया। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और आरोप है कि युवकों ने पार्षद और उनके परिजनों के साथ मारपीट की।
घटना के बाद पीड़ित पार्षद ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि मुख्य आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी को लेकर मामला और गरमा गया है। पार्षद के समर्थन में स्थानीय जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता भी सड़क पर उतर आए।

Raigarh Mahila Parshad Marpeet: गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के बाहर धरना
घटना के विरोध में महापौर Jeevardhan Chauhan, सभापति Degree Lal Sahu और भाजपा पार्षदों ने सिटी कोतवाली के सामने धरना दिया। उनका कहना था कि जब एक महिला जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़ा होना लाजमी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल कुछ आरोपियों को पकड़कर औपचारिकता पूरी की है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
Raigarh Mahila Parshad Marpeet: राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के दबाव में आकर पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसे पुलिस की समझाइश के बाद शांत कराया गया।
पुलिस का क्या कहना है?
मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि, पीड़ित पक्ष धाराओं को लेकर असंतुष्ट है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार धाराओं में बढ़ोतरी की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था और खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
