15 दिन में दूसरी बार MP आ रहे राहुल गांधी: 1 अक्टूबर को पहुंचेंगे बालाघाट, पीड़ित आदिवासी परिवारों से करेंगे मुलाकात
बालाघाट। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पंद्रह दिनों के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे एक अक्टूबर को मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले बालाघाट पहुंचेंगे। यहां वे रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आकर जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के शोकाकुल परिवारों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।
रहस्यमयी बीमारी से 30 से अधिक बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
आदिवासी बहुल बालाघाट जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में हाल ही में फैली एक अज्ञात और रहस्यमयी बीमारी के चलते तीस से अधिक मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। बीमारी के बढ़ते प्रकोप और लगातार मौतों की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर मोर्चा संभाला। प्रशासन और मेडिकल टीमों के प्रयासों से कई बीमार बच्चों का समय पर उपचार किया गया और उनकी स्थिति में सुधार भी हुआ, लेकिन मौतों के बढ़ते आंकड़ों ने क्षेत्र में गंभीर चिंता और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
विपक्ष का समय पर इलाज न मिलने का आरोप, दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य चुनौतियां
इस मानवीय त्रासदी को लेकर कांग्रेस और नागरिक अधिकार संगठनों ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि पीड़ित बच्चों को समय पर उचित और त्वरित चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं, जिसके कारण मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई और संक्रमण आसपास के इलाकों में फैलता चला गया। यह क्षेत्र पूर्व में घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते नक्सल प्रभावित रहा है, जहां पहले स्वास्थ्य कर्मियों का पहुंचना कठिन होता था और ग्रामीणों में भी जागरूकता की कमी थी। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अब जिले को नक्सलमुक्त घोषित किया जा चुका है और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार गांव-गांव पहुंचाई जा रही हैं।
गोंदिया होते हुए जगला गांव पहुंचेंगे राहुल गांधी, मीडिया से भी करेंगे बात
अपने दौरे के तहत राहुल गांधी एक अक्टूबर को सबसे पहले विमान द्वारा महाराष्ट्र के गोंदिया पहुंचेंगे। गोंदिया से वे सड़क मार्ग द्वारा सीधे बालाघाट जिले के प्रभावित जगला गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। जगला गांव में वे पीड़ित आदिवासी परिवारों के घर-घर जाकर उनसे संवाद करेंगे और जमीनी हालातों का जायजा लेंगे। परिजनों से मुलाकात के उपरांत नेता प्रतिपक्ष प्रेस वार्ता के माध्यम से मीडिया से मुखातिब होंगे और इसके बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। उनके इस दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं।
