भुवनेश्वर में शुरू हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन, छत्तीसगढ़ की ओर से पुन्नू लाल मोहले ने किया प्रतिनिधित्व

भुवनेश्वर। संसद एवं राज्य विधान मंडलों की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी समितियों के सभापतियों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हुआ। इस सम्मेलन का शुभारंभ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विधानसभा अध्यक्ष भी मौजूद रहे।

इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ विधानसभा की ओर से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सभापति पुन्नू लाल मोहले और विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा ने हिस्सा लिया।

अपने संबोधन में पुन्नू लाल मोहले ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विषय देश के सर्वहारा वर्ग से जुड़ा है, जिसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से अंत्योदय विकास की भावना साकार हो रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मोहले ने कहा कि संसदीय समितियों की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि इनके माध्यम से समाज के उन तबकों को मुख्यधारा में लाया जा सकता है, जो अब तक वंचित रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा केवल भौगोलिक सीमाओं से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सामाजिक और पारिवारिक संबंध भी गहरे हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजनों से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों में नया आत्मविश्वास जगेगा और वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और मजबूत तरीके से निभा सकेंगे।

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