Parliament Session 2025 : मानसून सत्र के बाद पीएम मोदी की टी मीटिंग, विपक्ष ने किया बायकॉट

नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ने के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही स्थगित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों के लिए एक विशेष टी मीटिंग आयोजित की। हालांकि इस टी मीटिंग का विपक्ष ने पूरी तरह बायकॉट किया और कोई भी विपक्षी नेता इसमें शामिल नहीं हुआ।

टी मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी के साथ एनडीए के घटक दलों के सांसद मौजूद रहे। पीएम मोदी ने इस दौरान सत्र को “सकारात्मक” बताते हुए कहा कि कई अहम विधेयक पारित हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से ऑनलाइन गेम्स विधेयक का जिक्र किया और कहा कि यह कानून समाज पर गहरा और दूरगामी असर डालेगा। पीएम मोदी ने सांसदों से अपील की कि इस तरह के विषयों पर ज्यादा चर्चा होनी चाहिए।

विपक्ष पर हमला

पीएम मोदी ने विपक्ष के रवैये पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बड़े और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा करने के बजाय सिर्फ व्यवधान डालने में व्यस्त रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्ष के पास प्रतिभाशाली युवा नेता हैं, लेकिन गांधी परिवार की असुरक्षा के कारण उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। मोदी ने यह भी कहा कि संभव है कि यही युवा नेता राहुल गांधी को असुरक्षा और घबराहट में डाल रहे हों।

मॉनसून सत्र का हाल

गौरतलब है कि लोकसभा में मॉनसून सत्र के दौरान 120 घंटे की चर्चा का समय तय था, लेकिन वास्तव में केवल 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। करीब 83 घंटे गतिरोध की भेंट चढ़ गए। इस दौरान लोकसभा में कुल 14 विधेयक पेश हुए। इनमें से “जनविश्वास बिल” को सलेक्ट कमेटी और “पीएम-सीएम रिमूवल बिल” को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया। बाकी 12 विधेयक बिना चर्चा के ही पारित कर दिए गए।

पीएम मोदी ने कहा कि यदि विपक्ष ने सकारात्मक रवैया अपनाया होता, तो जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन बहस हो सकती थी। उन्होंने टी मीटिंग में मौजूद सांसदों से कहा कि अब जिम्मेदारी सत्तापक्ष की है कि वह इन विधेयकों के संदेश और प्रभाव को जनता तक पहुंचाए।

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