रायपुर स्काई वॉक प्रोजेक्ट में तेजी: शास्त्री चौक से जयस्तंभ तक 27 नवंबर से वन-वे लागू, जानिए पूरा रूट और टाइमिंग
राजधानी रायपुर में निर्माणाधीन स्काई वॉक प्रोजेक्ट अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने गर्डर और स्लैब लान्चिंग के अगले चरण की तैयारी पूरी कर ली है। इसी के लिए विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एकांकी मार्ग (वन-वे) के आदेश जारी कर दिए हैं।
आज से वन-वे लागू, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा ट्रैफिक ब्लॉक
सोमवार से जारी आदेश के अनुसार स्काई वॉक क्षेत्र में रात के समय गर्डर और स्लैब इंस्टालेशन का काम लगातार चलेगा।
पहले 15 दिन: शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग वन-वे रहेगा।
अगले 15 दिन: शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक मार्ग वन-वे रहेगा।
रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच यह व्यवस्था एक माह तक प्रभावी रहेगी। कलेक्टर ने कहा कि बंद मार्गों पर रिफ्लेक्टिव बैरिकेड, एंट्री-एग्जिट कंट्रोल और पर्याप्त गार्ड्स की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
समय सीमा पर काम पूरा करने के निर्देश
PWD ने गर्डर और स्लैब लान्चिंग की तकनीकी तौर पर चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को रात्रिकालीन शिफ्ट में पूरा करने का निर्णय लिया है। 5–6 मीटर की ऊंचाई पर भारी गर्डरों को क्रेन की मदद से स्थापित किया जाना है, जिसके लिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अनुमति मिलते ही यह काम लगातार चलेगा, ताकि परियोजना को तय समय में पूरा किया जा सके।
स्काई वॉक में 16 गर्डर और 6 स्लैब लगने बाकी
इंजीनियरों के अनुसार कुल 63 स्टील गर्डरों में से 47 का इंस्टालेशन पूरा हो चुका है, जबकि 16 गर्डर शेष हैं। कुल 25 स्लैब में से 19 स्लैब लगाए जा चुके, और 6 स्लैब इसी चरण में फिट किए जाएंगे। गर्डरों का निर्माण भिलाई के वर्कशॉप में पहले ही पूरा कर लिया गया था। अब इन्हें हैवी ट्रांसपोर्टर और क्रेन से साइट पर लाकर इंस्टॉल किया जा रहा है।
शास्त्री चौक बनेगा स्काई वॉक का मुख्य केंद्र
PWD की योजना के तहत शास्त्री चौक को स्काई वॉक का मुख्य जंक्शन बनाया जा रहा है। यहाँ 5 मीटर चौड़ी रोटेटरी तैयार की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 12 स्थानों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की योजना है।
रात में चलेगा काम, सुरक्षा रहेगी कड़ी
रात में काम करने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि दिनभर के यातायात पर असर न पड़े। इस दौरान पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीम तैनात रहेगी। सुरक्षा बैरिकेड, सिग्नलिंग लाइट, सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ अनिवार्य रूप से लागू रहेंगी।
