Noida Engineer Death: सिस्टम की चूक से गई युवराज की जान, पुलिस-प्रशासन-प्राधिकरण सभी कठघरे में
Noida Engineer Death: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने हाईटेक शहर की व्यवस्थाओं और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए इस हादसे ने पुलिस, फायर विभाग, जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण — सभी की कार्यप्रणाली को कठघरे में ला खड़ा किया है।
हादसे के वक्त भारी जलभराव के कारण युवराज की कार पानी से भरे अंडरपास/गड्ढे में फंस गई थी। समय पर रेस्क्यू न पहुंच पाने की वजह से युवराज की जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे गंभीर बात यह रही कि घटना के बाद भी जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आए।
रेस्क्यू में देरी, संसाधनों की कमी उजागर
पुलिस द्वारा फायर विभाग को सूचना देने के बावजूद रेस्क्यू टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी। नोएडा जैसे आधुनिक शहर में आवश्यक संसाधनों की कमी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस देरी ने युवराज को बचाने की आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी।
प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल
घटना के बाद न तो शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और न ही पीड़ित परिवार से मुलाकात की गई। इस असंवेदनशील रवैये ने जनता के आक्रोश को और बढ़ा दिया। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल औपचारिक कार्रवाई से सिस्टम की खामियां दूर हो जाएंगी।
तीन दिन बाद मिली कार, फॉरेंसिक जांच की तैयारी
हादसे के करीब तीन दिन बाद एनडीआरएफ की टीम ने युवराज की कार को पानी से बाहर निकाला। कार की हालत बेहद खराब थी — शीशे और सनरूफ टूटे हुए मिले। आशंका जताई जा रही है कि पानी के अत्यधिक दबाव के कारण गाड़ी को नुकसान पहुंचा। अब एसआईटी द्वारा कार की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं तकनीकी खराबी हादसे की वजह तो नहीं थी।
हादसे के बाद जागा प्रशासन
राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है और नोएडा प्राधिकरण कार्यालय व घटनास्थल का निरीक्षण किया है। एसआईटी को पांच दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विजटाउन के मालिक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार युवराज की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। रिपोर्ट में सामने आया है कि उनके फेफड़ों में करीब 3.5 लीटर पानी भरा हुआ था, जिससे साफ होता है कि वे काफी देर तक पानी में फंसे रहे। डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक दबाव के कारण हार्ट फेलियर भी हुआ, जो मौत का तात्कालिक कारण बना।
ADG का बयान
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने कहा,
“एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। सभी संबंधित पक्षों से बातचीत की जाएगी और पांच दिन में रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ।”
