तमिलनाडु में BJP को बड़ा झटका! नितिन नबीन ने स्वीकार किया अन्नामलाई का इस्तीफा, आगे क्या है प्लान?

नितिन नबीन ने स्वीकार किया अन्नामलाई का इस्तीफा

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अन्नामलाई पहले ही पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप चुके थे, जिसे अब आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे अन्नामलाई के इस फैसले के पीछे कई राजनीतिक और संगठनात्मक कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी या अन्नामलाई की ओर से इस्तीफे की वजह पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया है।

AIADMK के साथ गठबंधन को लेकर थे मतभेद

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, भाजपा और AIADMK के बीच गठबंधन को लेकर अन्नामलाई की नाराजगी लंबे समय से बनी हुई थी। वे लगातार इस गठबंधन के विरोध में अपनी राय रखते रहे थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तमिलनाडु में अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में पार्टी ने AIADMK के साथ संबंध सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए। माना जा रहा है कि यही मुद्दा दोनों पक्षों के बीच दूरी बढ़ने का प्रमुख कारण बना।

दिल्ली में हुई बैठकों के बाद बढ़ीं अटकलें

इस्तीफे से पहले अन्नामलाई ने नई दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। इस दौरान उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। जब उनसे नई पार्टी बनाने की संभावना के बारे में सवाल किया गया था, तब उन्होंने संकेत दिया था कि आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद उनके समर्थकों ने तमिलनाडु के कई शहरों में पोस्टर लगाकर नए राजनीतिक विकल्प की मांग भी उठाई थी।

प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद बदले समीकरण

अप्रैल 2025 में भाजपा ने अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को नई जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई थी कि पार्टी तमिलनाडु में नए समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है। माना गया कि AIADMK के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए यह बदलाव किया गया था।

चुनावी रणनीति और फैसलों में भूमिका कम होने से बढ़ी नाराजगी

सूत्रों का कहना है कि 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौरान अन्नामलाई खुद को पार्टी के प्रमुख निर्णयों से दूर महसूस कर रहे थे। उम्मीदवार चयन, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति जैसे मुद्दों पर उनकी भूमिका सीमित होने की खबरें लगातार सामने आती रहीं। इसी वजह से उन्होंने चुनाव लड़ने में भी खास रुचि नहीं दिखाई।

नई राजनीतिक पारी को लेकर तेज हुई अटकलें

अन्नामलाई के भाजपा से अलग होने के बाद अब उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे तमिलनाडु की राजनीति में किसी नए विकल्प या संगठन के साथ सामने आ सकते हैं। हालांकि फिलहाल उन्होंने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है, लेकिन राज्य की राजनीति में उनकी अगली चाल पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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