दिल्ली बम ब्लास्ट केस में NIA का बड़ा एक्शन: कश्मीर में 10 जगहों पर छापेमारी, हल्द्वानी मस्जिद इमाम समेत 2 गिरफ्तार, ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का खुलासा

श्रीनगर : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम ब्लास्ट की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) को कश्मीर घाटी में 10 स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े नेटवर्क को उजागर करने के लिए की गई, जिसमें फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम से ज्यादा विस्फोटक बरामद हुए थे। छापेमारी पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और काजीगुंड जैसे जिलों में हुई, जहां आतंकी उमर उल नबी के सहयोगियों के घरों की तलाशी ली गई।

 

NIA ने शोपियां के नादिगाम में मौलवी इरफान अहमद वागेय, डॉ. आदिल अहमद राथर (सहारनपुर से गिरफ्तार), डॉ. मुजम्मिल गनाई, अमीर राशिद अली, जासिर बिलाल वानी समेत कई संदिग्धों के घरों पर दबिश दी। पुलवामा के कोइल, चंदगाम, मलंगपोरा, संबूरा और काजीगुंड के वानपोरा में भी सर्च ऑपरेशन चला। एक छापे में जासिर बिलाल वानी (कॉलेज छात्र) को गिरफ्तार किया गया, जो उमर के कथित तकनीकी सहयोगी था। NIA के अनुसार, ये स्थान दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े हैं, जहां ड्रोन संशोधन और रॉकेट बनाने जैसे काम हुए।

 

हल्द्वानी कनेक्शन: बिलाली मस्जिद इमाम समेत 2 गिरफ्तार, 20 घंटे बाद रिहा

शनिवार (30 नवंबर 2025) को NIA ने उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके से बिलाली मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आसिम कासमी (उर्फ मोहम्मद आसिफ) और इलेक्ट्रीशियन नजर कमाल को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी आतंकी डॉक्टर उमर उल नबी के फोन कॉल डिटेल्स से मिले नंबरों पर आधारित थी। दोनों को दिल्ली ले जाकर 20 घंटे पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया। इमाम ने कहा, “मैंने पूरा सहयोग किया। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला था।” NIA ने उनके लैपटॉप और फोन जब्त किए थे।

 

पिछले सोमवार को J&K पुलिस ने पुलवामा और श्रीनगर के अस्पतालों में सरप्राइज इंस्पेक्शन की थी। NIA ने लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, फरीदाबाद और J&K को ‘कोर जोन’ घोषित किया है, जहां हाई-इंटेंसिटी रेड और इंटेलिजेंस ऑपरेशन जारी हैं।

 

दिल्ली ब्लास्ट: ‘सुसाइड बॉम्बर’ डॉक्टर उमर का खुलासा

10 नवंबर 2025 को शाम 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के बाहर ट्रैफिक रेड पर सफेद हुंडई i20 कार में सवार डॉक्टर उमर उल नबी (35 वर्ष, पुलवामा निवासी) ने खुद को उड़ा लिया। अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटकों से लदी कार में ब्लास्ट से 15 लोगों की मौत हुई और 30 से ज्यादा घायल हुए। NIA ने इसे ‘कार-बोर्न सुसाइड अटैक’ करार दिया। उमर अल-फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) में असिस्टेंट प्रोफेसर था और JeM से जुड़ा ‘व्हाइट-कॉलर’ मॉड्यूल का हिस्सा था।

 

फरीदाबाद ‘व्हाइट-कॉलर’ मॉड्यूल: 2 साल से विस्फोटक जमा कर रहे थे डॉक्टर

फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी को केंद्र बनाकर 22 शिक्षित पेशेवर (डॉक्टर, इंजीनियर) JeM से जुड़े इस मॉड्यूल में थे। 9-10 नवंबर को J&K और हरियाणा पुलिस ने छापों में 2,900 किग्रा अमोनियम नाइट्रेट, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, केमिकल्स और IED मटेरियल बरामद किया। मॉड्यूल ने 2 साल से विस्फोटक जमा किए थे। NIA ने अब तक 7 गिरफ्तारियां कीं: डॉ. मुजम्मिल शकील गनाई, डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ), डॉ. आदिल राथर (सहारनपुर), अमीर राशिद अली (संबूरा), जासिर बिलाल वानी (कश्मीर), सोयब (फरीदाबाद, शेल्टर प्रोवाइडर) और मुफ्ती इरफान अहमद वागेय।

 

NIA ने 73 गवाहों से पूछताछ की है और 200 से ज्यादा संदिग्धों को फ्लैग किया। मॉड्यूल के पास पाकिस्तान और तुर्की के हैंडलर्स से लिंक थे। हवाला ट्रेल्स, ड्रोन मॉडिफिकेशन और IED लैब्स की जांच जारी।

 

NIA की जांच: कोर जोन और आगे की रणनीति

NIA ने दिल्ली, J&K, हरियाणा, UP और अन्य राज्यों में समन्वय से जांच तेज की। 73 गवाहों की पूछताछ, CCTV रिकंस्ट्रक्शन और फॉरेंसिक रिपोर्ट से उमर का DNA कन्फर्म। केस RC-21/2025/NIA/DLI के तहत UAPA के तहत दर्ज। NIA प्रमुख ने कहा, “यह ISIS-जैसे मॉड्यूल का हिस्सा था। पूरी साजिश उजागर करेंगे।”

 

ब्लास्ट के बाद लाल किला मेट्रो स्टेशन 5 दिनों तक बंद रहा। सुरक्षा एजेंसियों ने फर्टिलाइजर/केमिकल सेलर्स और कार डीलर्स की जांच तेज की। यह केस JeM के ‘रेडिकल डॉक्टर्स’ नेटवर्क को बेनकाब करने वाला साबित हो रहा है।

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