नेपाल में आफत की बारिश: सरकार ने काठमांडू में लागू किया ट्रैवल बैन.. सड़कें बंद, उड़ानें स्थगित
नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए नेपाली अधिकारियों ने शनिवार से अगले तीन दिनों तक काठमांडू घाटी में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अलर्ट
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि शनिवार से सोमवार तक किसी भी वाहन को काठमांडू घाटी में प्रवेश या बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे अगले तीन दिनों तक लंबी दूरी की यात्रा तभी करें जब कोई आपात स्थिति हो। साथ ही बागमती और पूर्वी राप्ती नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
लगातार बारिश से बढ़ा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के सक्रिय होने से शुक्रवार रात से ही काठमांडू और नेपाल के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है। इसके चलते बाढ़ और भूस्खलन का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
त्रिभुवन हवाई अड्डे से उड़ानें स्थगित
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (टीआईए) से घरेलू उड़ानों को फिलहाल रोक दिया गया है। टीआईए के महाप्रबंधक हंसा राज पांडे ने बताया कि काठमांडू, भरतपुर, जनकपुर, भद्रपुर, पोखरा और तुमलिंगतार से उड़ानें अगली सूचना तक रद्द कर दी गई हैं।
पांच प्रांतों में भारी बारिश की चेतावनी
नेपाल के कोशी, मधेशी, बागमती, गंडकी और लुम्बिनी प्रांतों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। अरानिको राजमार्ग समेत काठमांडू को तिब्बत से जोड़ने वाले कई मार्ग बंद कर दिए गए हैं।
राजमार्गों पर यात्रा बेहद जोखिमभरी
बारिश और भूस्खलन की वजह से पृथ्वी राजमार्ग, सिद्धार्थ राजमार्ग, बी.पी. राजमार्ग और अरानिको राजमार्ग पर यात्रा को बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा न करें।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और राहत-बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
