15वें वित्त आयोग की राशि के ऑनलाइन ऑडिट में लापरवाही: दो पंचायत सचिव निलंबित

DEO का औचक निरीक्षण

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में 15वें वित्त आयोग की राशि के ऑनलाइन अंकेक्षण कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने यह कार्रवाई करते हुए संबंधित सचिवों को उनके पद से हटाकर अन्य सचिवों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई

शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 15वें वित्त आयोग की राशि का शत-प्रतिशत ऑनलाइन अंकेक्षण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित पंचायत सचिवों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया, जिससे यह कार्रवाई की गई।

कोटा जनपद पंचायत के सचिव पर कार्रवाई

ग्राम उपका के पंचायत सचिव राजेश विश्वकर्मा द्वारा ऑनलाइन अंकेक्षण कार्य नहीं कराया गया। उन्हें उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और अपने दायित्वों में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। इस पर जिला पंचायत सीईओ ने उन्हें छत्तीसगढ़ पंचायत आचरण नियम 1988 एवं पंचायत अनुशासन तथा अपील नियम 1999 के तहत निलंबित कर दिया है। उनकी जगह ग्राम दवनपुर के पंचायत सचिव केशव यादव को उपका का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

मस्तूरी जनपद पंचायत के सचिव भी निलंबित

इसी प्रकार ग्राम पंचायत चिल्हाटी के पंचायत सचिव भागबली राय ने भी अंकेक्षण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती। उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है और उनकी जगह ग्राम पंचायत कोकड़ी के सचिव राकेश गांगीले को चिल्हाटी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

निलंबन अवधि के मुख्यालय निर्धारित

निलंबन अवधि के दौरान राजेश विश्वकर्मा का मुख्यालय जनपद पंचायत कोटा और भागबली राय का मुख्यालय जनपद पंचायत मस्तूरी निर्धारित किया गया है।

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