Naxali Barse Deva may Surrender: खूंखार नक्सली बारसे देवा के सरेंडर की चर्चा तेज, गृहमंत्री विजय शर्मा पहुंचे सुकमा – ऑपरेशन में बड़ा बदलाव संभव
Naxali Barse Deva may Surrender: छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा एक बार फिर बस्तर दौरे पर पहुंचे हैं। शनिवार देर शाम सुकमा पहुंचकर उन्होंने नक्सली पुनर्वास शिविर का निरीक्षण किया और पहले आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और बाकी नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
इन सबके बीच एक बड़ी कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि खूंखार नक्सली कमांडर बारसे देवा उर्फ चैतु जल्द ही आत्मसमर्पण कर सकता है। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री विजय शर्मा पहले भी देवा की मां से मिल चुके हैं और परिवार के माध्यम से उसे सरेंडर के लिए समझाने की कोशिश की गई थी।
कल हो सकता है सरेंडर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अगर देवा आत्मसमर्पण करता है तो सुकमा, दंतेवाड़ा और आसपास के इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियों को सबसे बड़ा झटका लगेगा। देवा, हिड़मा के सबसे भरोसेमंद कमांडरों में से एक है और संगठन के कई ऑपरेशंस का मास्टरमाइंड माना जाता है।
कौन है बारसे देवा?
- नाम: बारसे देवा उर्फ सुक्का उर्फ देवन्ना
- उम्र: 42 वर्ष
- इनाम: सरकार ने घोषित किया है 25 लाख रुपये का इनाम
- हथियार: AK-47 से लैस
- पद:
बटालियन नंबर 1 का प्रभारी
दरभा डिवीजन का नेतृत्व
दक्षिण सब जोनल ब्यूरो से जुड़ाव
प्रेस यूनिट और डिविजनल कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी
नक्सल संगठन में देवा की पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है। वह अनपढ़ है, लेकिन उड़िया, तेलुगु, मराठी और हिंदी भाषाओं का ज्ञान होने के कारण संगठन में उसकी भूमिका बेहद प्रभावशाली रही है।
बड़े हमलों में देवा की भूमिका
- 25 मई 2013 – झीरम घाटी हमला: कांग्रेस नेताओं की हत्या में महत्वपूर्ण भूमिका
- 26 अप्रैल 2023 – अरनपुर हमला: 10 जवानों की शहादत
- दंतेवाड़ा–सुकमा के कई ऑपरेशंस में उसकी कमेटी सक्रिय रही
- हिड़मा के बाद सबसे खतरनाक ऑपरेशनल कमांडर माना जाता है
सुरक्षा बल लंबे समय से उसकी तलाश में थे, और अब उसके सरेंडर की संभावना नक्सल मोर्चे पर बड़ा बदलाव ला सकती है।
