Naxal Central Committee Letter: ‘हथियार नहीं छोड़ेंगे.. जारी रहेगा संघर्ष’, नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने जारी किया पत्र

Bijapur Naxal News

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Naxal Central Committee Letter: नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से एक बार फिर नक्सल गतिविधियों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने नया पत्र जारी करते हुए साफ कहा है कि उनका संघर्ष अब भी जारी रहेगा और वे किसी भी सूरत में हथियार नहीं डालेंगे। यह पत्र राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव के बीच जारी किया गया है, जिसमें नक्सलियों ने अपने इरादे फिर से स्पष्ट किए हैं।

‘संघर्ष जारी रहेगा’ — नक्सलियों का ऐलान

नक्सल केंद्रीय कमेटी ने अपने पत्र में कहा है कि “हमारा संघर्ष सामाजिक न्याय और गरीब आदिवासियों के हक की लड़ाई के लिए है।”

कमेटी ने यह भी लिखा कि सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों के बावजूद उन्हें खत्म नहीं किया जा सकता। नक्सलियों ने दावा किया कि वे अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे और संगठन की लड़ाई अब पहले से भी अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगी।

दो नक्सली नेताओं पर गंभीर आरोप — ‘गद्दार’ करार दिया गया

पत्र में केंद्रीय कमेटी ने सोनू और सतीश नामक दो नक्सल नेताओं को गद्दार बताया है। कमेटी के अनुसार, इन दोनों ने संगठन के सिद्धांतों के खिलाफ जाकर निजी स्वार्थ में काम किया। पत्र में लिखा गया कि दोनों नेताओं ने संगठन की नीतियों का उल्लंघन किया और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे।

निचले कैडर को भटकाने का आरोप

केंद्रीय कमेटी ने पत्र में आरोप लगाया कि सोनू और सतीश ने संगठन के निचले स्तर के सदस्यों को बहकाया और उनमें भ्रम फैलाया। इसके कारण संगठन के अंदर अनुशासनहीनता और असंतोष बढ़ा। नक्सलियों ने लिखा कि इस तरह की हरकतें संगठन की एकता और उसकी साख को नुकसान पहुंचा रही हैं।

संगठन को बदनाम करने की साजिश

कमेटी ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व को बदनाम करने की साजिश रची। उन्होंने संगठन की नीतियों और आदर्शों के खिलाफ जाकर झूठे प्रचार किए और अन्य सदस्यों के बीच गलतफहमी फैलाने की कोशिश की।

कमेटी ने चेतावनी दी है कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ी

नक्सल केंद्रीय कमेटी का यह नया पत्र सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जैसे इलाकों में पुलिस और CRPF की निगरानी बढ़ा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, यह पत्र नक्सलियों की अंदरूनी गुटबाजी और संगठन में चल रहे असंतोष की ओर भी इशारा करता है।

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