बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास हत्या पर दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर जोरदार प्रदर्शन
बांग्लादेश के मैमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या और शव जलाने की घटना के विरोध में मंगलवार को नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर हिंदूवादी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ता मोहम्मद यूनुस के पोस्टर लेकर ‘बांग्लादेश बायकॉट’ और ‘बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए एक आवाज’ जैसे नारे लगा रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने शुरुआती बैरिकेडिंग तोड़ी, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया। हालांकि, भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के कारण उन्हें हाई कमीशन भवन तक पहुंचने से रोक लिया गया। स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। वीएचपी ने इस प्रदर्शन की पहले से घोषणा की थी, जिसे देखते हुए सुबह से ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
दीपू चंद्र दास (25-27 वर्ष) एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। 18 दिसंबर की रात कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने उन्हें पीट-पीटकर मार डाला और शव को पेड़ से लटकाकर जला दिया। जांच में ब्लास्फेमी का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, बल्कि यह फैक्ट्री में कार्यस्थल विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने घटना की निंदा की है और अब तक 10-12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाई हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की चिंता
दीपू चंद्र दास की हत्या पर भारत के अलावा नेपाल, अमेरिका, मॉरीशस और संयुक्त राष्ट्र तक में हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेवा संघ ने यूएन में यूनुस सरकार के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। प्रियंका गांधी सहित कई भारतीय नेताओं ने इसे चिंताजनक बताया। बांग्लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।
यह हत्या छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की अशांति के बीच हुई, जिसमें कुछ प्रदर्शनों में भारत विरोधी नारे लगे।
बांग्लादेश में भारतीय सहायक उच्चायोग पर हमले की कोशिश, भारत ने वीजा सेवाएं निलंबित कीं
चटगांव में प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने भारतीय सहायक उच्चायोग पर धावा बोलने की कोशिश की। इसके बाद भारत ने चटगांव में वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं। भारत ने बांग्लादेश के राजनयिक रियाज हामिदुल्लाह को तलब कर ढाका में भारतीय मिशनों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई। दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा है, जिसमें एक-दूसरे के दूतों को तलब किया गया। बांग्लादेश ने भी दिल्ली में अपने मिशन की सुरक्षा पर चिंता जताई है।
