किसानों को बड़ी राहत… अब इस तारीख तक कर सकेंगे स्लॉट बुकिंग

प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत… गेहूं खरीदी स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन 28 मई तक बढ़ाई, रिकॉर्ड 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य

 

Bhopal : मध्य प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की सुविधा और हितों को ध्यान में रखते हुए गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख को 28 मई तक बढ़ा दिया है। यह फैसला उन हजारों किसानों को राहत प्रदान करेगा जिन्हें तकनीकी समस्याओं, इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी या अन्य कारणों से समय पर स्लॉट बुक करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों को किसी भी कीमत पर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर अपनी फसल बेचने का अवसर प्रदान करना चाहती है। उन्होंने कहा, “किसान हमारी प्राथमिकता हैं। कोई भी छोटी-मोटी समस्या किसान भाइयों को सरकारी खरीदी से वंचित नहीं करेगी।”

 

फैसले का कारण

इस सीजन में गेहूं की खरीदी शुरू होने के बाद कई चुनौतियां सामने आईं। शुरुआत में गन्नी बैग की कमी, सर्वर डाउन होने की शिकायतें और भारी आवक के कारण कुछ केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई थी। विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने भी इन मुद्दों को उठाया था। सरकार ने इन समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए पहले डेडलाइन को 9 मई तक बढ़ाया, फिर आगे बढ़ाकर 23 मई और अब 28 मई कर दिया है।

 

इस फैसले से न केवल किसानों को समय मिलेगा बल्कि खरीदी प्रक्रिया को और सुचारू बनाने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे तुरंत उपार्जन पोर्टल पर लॉगिन करके अपना स्लॉट बुक कर लें ताकि मंडी पहुंचने पर कोई असुविधा न हो।

 

रिकॉर्ड लक्ष्य: 100 लाख मीट्रिक टन

मध्य प्रदेश इस वर्ष गेहूं खरीदी में नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। पिछले वर्ष राज्य में लगभग 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई थी। इस बार केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लक्ष्य को बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह वृद्धि मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में और मजबूत स्थिति दिलाएगी।

 

मध्य प्रदेश लंबे समय से पंजाब और हरियाणा जैसी पारंपरिक गेहूं बास्केट राज्यों को टक्कर दे रहा है। बेहतर सिंचाई सुविधाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी प्रोत्साहन के कारण राज्य की गेहूं उत्पादकता लगातार बढ़ रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने से किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

 

MSP और अतिरिक्त बोनस

केंद्र सरकार ने इस वर्ष गेहूं का MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसके ऊपर ₹40 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस घोषित किया है, जिससे प्रभावी मूल्य ₹2,625 प्रति क्विंटल हो गया है। यह किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद है, खासकर तब जब बाजार में निजी व्यापारियों द्वारा कम भाव मिल रहे थे।

 

चुनौतियां

कुछ क्षेत्रों में अभी भी सर्वर की समस्या और लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

मौसम की अनियमितता (असमय बारिश या ओलावृष्टि) ने कुछ फसलों को प्रभावित किया है।

निजी मंडियों में भाव MSP से कम होने के कारण कई किसान मजबूरन कम दाम पर बेच देते हैं।

 

यह फैसला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश में किसान एक बड़ा वोट बैंक हैं। भाजपा सरकार लगातार किसान कल्याण योजनाओं जैसे किसान सम्मान निधि, सिंचाई परियोजनाओं और MSP खरीदी पर जोर दे रही है। डेडलाइन बढ़ाना सरकार की छवि को “किसान हितैषी” बनाए रखने में मदद करेगा, खासकर जब विपक्ष इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा था।

 

आर्थिक रूप से देखें तो 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी पर सरकार द्वारा खर्च की गई राशि हजारों करोड़ रुपये होगी। यह राशि सीधे किसानों के खातों में जाएगी, जिससे उपभोग बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही, FCI (Food Corporation of India) के लिए गेहूं का भंडारण बढ़ेगा, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए जरूरी है।

 

मध्य प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में गेहूं उत्पादन और खरीदी दोनों में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य अब देश का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य बन चुका है। यदि यह लक्ष्य हासिल हो गया तो MP पंजाब को पछाड़ने की दिशा में और मजबूत कदम बढ़ाएगा।

 

28 मई तक बढ़ाई गई डेडलाइन किसानों को अपनी फसल अच्छे दाम पर बेचने का अंतिम मौका देगी। अब किसानों की जिम्मेदारी है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और पोर्टल पर स्लॉट बुक करें।

Youthwings