पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों का कहर: पुलवामा मास्टरमाइंड हमजा बुरहान समेत कई आतंकी ढेर, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप

पाकिस्तान और पीओके में पिछले कुछ वर्षों से लगातार हो रही रहस्यमयी हत्याओं ने आतंकी संगठनों की नींद उड़ा दी है। भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में शामिल कई मोस्ट वांटेड आतंकियों को अज्ञात बाइक सवार हमलावरों द्वारा निशाना बनाए जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हमजा बुरहान की हत्या ने एक बार फिर इस पैटर्न को चर्चा में ला दिया है।

पीओके में घात लगाकर हमला, हमजा बुरहान की मौत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद क्षेत्र में हमजा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया। बताया जाता है कि वह किसी स्थान से बाहर निकल रहा था, तभी पहले से मौजूद बाइक सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।कई गोलियां लगने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए।

कौन था हमजा बुरहान?

जानकारी के अनुसार हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार बताया जाता है। वह आतंकी संगठन अल बदर से जुड़ा हुआ था और उसे भारत सरकार ने 2022 में आतंकी घोषित किया था।

उस पर आरोप है कि 2019 में हुए पुलवामा हमले की साजिश में उसने अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से वह भारत की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

पाकिस्तान में लगातार टारगेट किलिंग का पैटर्न

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के कई शहरों—लाहौर, कराची, रावलपिंडी और पीओके—में इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। बाइक सवार हमलावर अचानक आते हैं और टारगेट को खत्म करके फरार हो जाते हैं।

इन घटनाओं में अब तक लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े कई टॉप कमांडर मारे जा चुके हैं, जिससे पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अन्य बड़े आतंकियों पर भी हमले और मौतें

रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के समय में कई बड़े आतंकी इसी तरह निशाने पर आए हैं—

लाहौर में लश्कर से जुड़े अमीर हमजा पर हमला, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ

जैश प्रमुख मसूद अजहर के परिवार से जुड़े मोहम्मद ताहिर अनवर की रहस्यमयी मौत

26/11 हमले के आरोपी अबू कतल उर्फ कतल सिंधी की हत्या

हाफिज सईद के करीबी मुफ्ती कैसर फारूक को गोली मारकर ढेर किया जाना

पठानकोट हमले के आरोपी शाहिद लतीफ की सियालकोट में हत्या

इन घटनाओं ने आतंकियों के नेटवर्क में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बनी पहेली

सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन “अज्ञात हमलावरों” के पीछे कौन है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां अब तक इन घटनाओं की कड़ी जोड़ने में नाकाम रही हैं।एक के बाद एक हो रही टारगेट किलिंग ने न सिर्फ आतंकी संगठनों को झटका दिया है, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

UAPA लिस्ट और लगातार हो रहे सफाए

भारत की UAPA सूची में शामिल कई मोस्ट वांटेड नाम पिछले कुछ वर्षों में या तो मारे जा चुके हैं या रहस्यमयी परिस्थितियों में खत्म हो गए हैं। इनमें खालिस्तान और कश्मीर से जुड़े कई बड़े आतंकी भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन मौतों में अधिकतर मामलों में पैटर्न एक जैसा रहा है—बाइक सवार हमलावर, अचानक हमला और तुरंत फरार।

Youthwings