Mahasamund में धान खरीदी सत्यापन में बड़ी लापरवाही, अभिहित अधिकारी को कलेक्टर का नोटिस
Mahasamund। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी समर्थन मूल्य धान खरीदी योजना के तहत जिले में सख्त निगरानी के बावजूद लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक में धान खरीदी केंद्रों के ऑनलाइन भौतिक सत्यापन में गंभीर चूक को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा को नोटिस जारी किया है।
तीन धान खरीदी केंद्रों में नहीं हुआ ऑनलाइन सत्यापन
जानकारी के अनुसार उमेश वर्मा को धान खरीदी केंद्र बड़ेडाबा, गढ़फुलझर और हाड़ापथरा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन अब तक उनके द्वारा इन केंद्रों का ऑनलाइन भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। जबकि इन केंद्रों में बड़ी मात्रा में धान की खरीदी हो चुकी है।
बड़ेडाबा: 39,091 क्विंटल
गढ़फुलझर: 48,716 क्विंटल
हाड़ापथरा: 14,460 क्विंटल
ऑनलाइन भौतिक सत्यापन के बिना धान की खरीदी का सही मिलान संभव नहीं है, जिससे अनियमितताओं की आशंका बढ़ जाती है।
कलेक्टर ने 24 घंटे में मांगा जवाब
लापरवाही पर नाराज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उमेश वर्मा को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण निवारण अधिनियम 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस के बाद भी आदेश की अवहेलना
सूत्रों के अनुसार नोटिस जारी होने के दो दिन बाद भी अभिहित अधिकारी द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसे कलेक्टर के आदेश की अवहेलना माना जा रहा है। इससे प्रशासनिक सख्ती और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं गड़बड़ियां
गौरतलब है कि जिले में पहले भी समय पर भौतिक सत्यापन नहीं होने के कारण धान खरीदी केंद्रों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। इसी को देखते हुए कलेक्टर स्वयं धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
