नारायणपुर में ऐतिहासिक ऑपरेशन के बाद सीएम साय का दौरा, DRG जवानों को मोटरसाइकिलें वितरित, विकास योजनाओं की सौगात
नारायणपुर। बस्तर के नक्सल इतिहास में सबसे बड़े ऑपरेशन की ऐतिहासिक सफलता के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ स्थित बासिंग गांव पहुंचे। यहां उन्होंने BSF कैंप का दौरा कर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने वाले जवानों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने DRG के जवानों को गश्त के लिए 200 मोटरसाइकिलें वितरित कीं और ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों के परिजनों से भेंट कर संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने जवानों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। DRG की महिला कमांडो ने बताया कि यह पहली बार हुआ है जब कोई मुख्यमंत्री उनके बीच आया, उनके साथ बैठकर खाना खाया और उनके परिश्रम को सराहा। उन्होंने बताया कि विषम परिस्थितियों के बावजूद ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देना गर्व का क्षण था और बीती रात उन्होंने इस सफलता का जश्न भी मनाया।
15 घंटे में 32 किलोमीटर पैदल चलकर मारा बसवराजू
नारायणपुर के एसपी ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को अभियान की पूरी रणनीति समझाई। उन्होंने बताया कि कैसे जवानों ने 15 घंटे में 32 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया, नदी-नालों को पार किया और कुख्यात नक्सली लीडर बसवराजू के डेरे तक पहुंचे। इस ऑपरेशन में कुल 27 नक्सली ढेर किए गए, जिनमें 5 करोड़ का इनामी बसवराजू भी शामिल था।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, योजनाओं का हाल जाना
मुख्यमंत्री ने “आपका सरकार, आपका ग्राम” अभियान के तहत जनचौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि क्या उन्हें राशन मिल रहा है, बिजली की सुविधा है, और महतारी वंदन योजना का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह जानने आए हैं कि क्या सरकार की योजनाएं धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं।
ग्रामीणों ने हाथ उठाकर महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने की पुष्टि की। गांव की एक महिला माहेश्वरी ने बताया कि योजना की राशि से उसने सिलाई मशीन खरीदी और अब 4,000 से 5,000 रुपए प्रति माह की आय कर रही है।
नक्सलियों से लौटने की अपील, 1300 ने छोड़ी हिंसा की राह
सीएम साय ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है, लेकिन अब सरकार की पहल से इसमें बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 1300 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने की विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मौके पर कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं, जिनमें शामिल हैं:
- पुलिया निर्माण के लिए 20 लाख रुपए
- खेल मैदान के लिए 10 लाख रुपए
- सीसी रोड के लिए 25 लाख रुपए
- घोटुल निर्माण के लिए 15 लाख रुपए
कुल मिलाकर 1 करोड़ 4 लाख रुपए के कार्यों की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा:
- गढ़ बंगाल से डोनर तक 30 किमी सड़क निर्माण
- डोंगरगढ़ से ओरछा तक सड़क निर्माण की भी घोषणा की गई।
नक्सलमुक्त बस्तर का संकल्प
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि जवानों की प्रतिबद्धता और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति से 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को नक्सलमुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने से अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर का विकास तेजी से किया जाएगा।
