अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, भारी मात्रा में हथियार-गोला-बारूद बरामद
नारायणपुर। अबूझमाड़ के घने जंगलों और पहाड़ों में चल रहे संयुक्त नक्सल विरोधी “माड़ बचाव अभियान” के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नारायणपुर पुलिस, DRG, STF और ITBP की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान माओवादियों से मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ थाना कोहकामेटा क्षेत्र में हुई। माओवादी जवानों पर लगातार अंधाधुंध फायरिंग करते रहे, लेकिन सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद वे नदी-नालों और घने जंगल का सहारा लेकर भाग निकले। इसके बाद जब जवानों ने इलाके की तलाशी ली तो उन्हें 300 से अधिक सामग्री मिली, जिनमें अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक, संचार उपकरण और नक्सल साहित्य शामिल हैं।
बरामद हथियार और सामग्री
- 7.62 mm LMG
- AK-47 (त्रिची)
- इंसास, SLR, स्टेन गन
- पिस्टल, देशी कट्टा, 303 रायफल, भरमार बंदूक
- 8 बीजीएल लॉन्चर और 100 से अधिक बीजीएल सेल
- देशी हैंड ग्रेनेड, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज, कार्डेक्स वायर
- गार्मिन GPS और नक्सल साहित्य सहित अन्य सामान
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई लगातार 5 दिनों तक खराब मौसम और नदी-नालों के उफान के बावजूद जारी रही। इसमें नारायणपुर DRG, STF और ITBP (38वीं, 41वीं और 45वीं वाहिनी) की संयुक्त टुकड़ी शामिल रही।
अधिकारियों के बयान
नारायणपुर एसपी रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) ने कहा कि हमारा उद्देश्य अबूझमाड़ के मूल निवासियों को नक्सल विचारधारा से दूर कर विकास और शांति की मुख्यधारा में जोड़ना है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण नीति अपनाने की अपील की।
वहीं, आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) ने बताया कि वर्ष 2025 में माओवादी संगठन को लगातार भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण ही माओवादियों के लिए एकमात्र विकल्प है।
