महादेव सट्टा एप से जुड़े नितिन मोटवानी उर्फ चीकू गिरफ्तार, गोवा से रायपुर लौटते ही पुलिस ने बिछाया जाल
छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में नितिन मोटवानी उर्फ चीकू को गिरफ्तार किया गया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने शनिवार को उसे पकड़ा। पुलिस के अनुसार, नितिन का संपर्क महादेव सट्टा एप के प्रमोटर रवि उप्पल से था। वह पहले विधानसभा रोड स्थित शिमर्स क्लब का संचालन करता था। फिलहाल यह क्लब किसी अन्य व्यक्ति को किराए पर दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
नितिन मोटवानी इससे पहले भी सट्टा संचालन के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। पंडरी पुलिस ने करीब तीन साल पहले अगस्त में उसे हिरासत में लिया था। जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और दुबई पहुंच गया था। उसके विदेश जाने के बाद पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी करने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा था। अब रायपुर पुलिस की टीम ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया है।
महादेव और अन्ना रेड्डी सट्टा एप से जुड़े होने का आरोप
जांच एजेंसियों और पुलिस की जांच में नितिन मोटवानी तथा उसके सहयोगी सन्नी पृथवानी का नाम महादेव एप और अन्ना रेड्डी सट्टा एप के नेटवर्क से जुड़ने के मामले में सामने आया था। जांच के मुताबिक, दोनों के पास इन एप से संबंधित दिल्ली ब्रांच का मालिकाना हक था और नेटवर्क का संचालन छत्तीसगढ़ तथा दिल्ली से किया जा रहा था।
नितिन मोटवानी को महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के संपर्क में बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया था कि उसे दुबई में सक्रिय सिंडिकेट से निर्देश मिलते थे। आरोप है कि वह क्लब की आड़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाता था और इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल कारोबार का विस्तार करने में करता था।
पहले भी पुलिस को चकमा देकर हुआ था फरार
नितिन मोटवानी को पकड़ने के लिए पुलिस पहले भी प्रयास कर चुकी थी। जानकारी के अनुसार, आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान उसके घर पर मौजूद होने का इनपुट मिला था। पुलिस टीम जब उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो उसे कार्रवाई की भनक लग गई और वह मौके से फरार हो गया।
इसके बाद उसके गोवा में रहने और वहां से रायपुर आने-जाने की जानकारी पुलिस को मिली। बताया जा रहा है कि करीब चार दिन पहले उसके गोवा से रायपुर लौटने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने की रणनीति तैयार की।
निजी गाड़ियों से पहुंची टीम, घर की घेराबंदी कर पकड़ा
नितिन की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम निजी गाड़ियों से उसके घर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने घर के चारों ओर घेराबंदी की और उसे भागने का मौका दिए बिना गिरफ्तार कर लिया। इस बार पुलिस की रणनीति सफल रही और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पकड़ लिया गया।
शिमर्स क्लब के असली मालिक को लेकर भी सवाल
नितिन मोटवानी के पुराने कारोबारी ठिकाने शिमर्स क्लब को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि क्लब में सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क का पैसा निवेश किया गया था। यह भी कहा जा रहा है कि नितिन केवल नाममात्र का संचालक था और क्लब का वास्तविक मालिक रवि उप्पल हो सकता है।
हालांकि, क्लब के स्वामित्व और निवेश से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस की ओर से इस संबंध में आगे खुलासा किए जाने की बात कही गई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि क्लब के संचालन, कथित सट्टेबाजी नेटवर्क और दुबई में सक्रिय लोगों के बीच किस तरह का वित्तीय और कारोबारी संबंध था।
