सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी से आदिवासी समाज आक्रोशित, कार्रवाई की माँग को लेकर एसपी ऑफिस पहुंचा समुदाय

श्योपुर (मध्य प्रदेश)। सोशल मीडिया पर आदिवासी समुदाय के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणियों को लेकर जिले में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। मंगलवार को करीब 500 आदिवासी समाज के लोग कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आपत्ति जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मामले की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी जब भाजपा नेता पूरन आर्य पर एक आदिवासी महिला के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में आपत्तिजनक पोस्ट और कमेंट्स का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया।

एसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
आदिवासी समुदाय ने एसपी वीरेंद्र जैन से मुलाकात कर कहा कि भाजपा नेता की बेटी रजनी आर्य ने सोशल मीडिया पर समुदाय और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली बातें लिखीं, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने मानहानि और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की माँग की।
एसपी जैन ने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विधायक का आरोप: सरकार के दबाव में पलट दी गई कार्रवाई
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने मामले को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आदिवासी युवक विकास की पत्नी के साथ भाजपा नेता ने छेड़छाड़ की, जिसकी शिकायत दर्ज कराने के बावजूद प्रभावित पक्ष को ही आरोपी बना दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में उल्टा झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया है।

विधायक जंडेल ने यह भी कहा कि भाजपा नेता की बेटी रजनी आर्य ने सोशल मीडिया पर आदिवासी समुदाय को अपमानित करने वाली भाषा का उपयोग किया है, जो संविधान, संस्कृति और महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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