Lok sabha debate : लोकसभा में आज नक्सलवाद पर विशेष बहस, सरकार की रणनीति पर नजर
Glimpses of the new Parliament Building, in New Delhi
नई दिल्ली। नई दिल्ली में Lok Sabha में आज नक्सलवाद पर विशेष बहस होने जा रही है, जिस पर संसद और देशभर की नजरें टिकी हैं। इस बहस की शुरुआत सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे, जहां वे सरकार के प्रयासों और रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को देश से पूरी तरह समाप्त करना अपनी प्राथमिकता बताया है और इस दिशा में व्यापक योजना तैयार की है।
इस बहस के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। सांसद इस मुद्दे पर अपने विचार रखेंगे और जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों का आकलन करेंगे।
बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अपना पक्ष रख सकते हैं। वे सरकार की रणनीति और नक्सलवाद को खत्म करने की समयसीमा पर प्रकाश डाल सकते हैं। केंद्र सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त किया जाए। इस दौरान नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा और विकास से जुड़े कदमों की जानकारी भी साझा की जा सकती है।
इसके अलावा, सत्र में विधायी कार्यों पर भी जोर दिया जाएगा। दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा होने की संभावना है। सांसद इस दौरान कानूनों में आवश्यक बदलावों पर विचार करेंगे। ‘नक्सल मुक्त भारत’ का मुद्दा इस सत्र का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बहस न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और विकास की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। इससे सरकार की नक्सल विरोधी नीति और भविष्य की रणनीति स्पष्ट हो सकती है।
