बारिश से बचने पेड़ के नीचे खड़े थे मजदूर, अगले ही पल थम गई इतनी सांसे
कांकेर जिले के कलगांव में मनरेगा कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उपसरपंच समेत 3 मजदूरों की मौत
मनरेगा के तहत तालाब निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक मौसम बदला, बारिश शुरू हुई और मजदूर बचने के लिए पेड़ के नीचे जा खड़े हुए। किसी ने नहीं सोचा था कि अगले ही पल आसमान से मौत टूट पड़ेगी। कांकेर के इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानिए पूरी घटना।
Bhanupratappur News: मनरेगा में काम कर रहे थे मजदूर, आसमान से आई मौत, 3 की मौके पर मौत, 5 घायल
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कलगांव में आकाशीय बिजली गिरने से मनरेगा कार्य में लगे तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है।
तालाब निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार कलगांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत तालाब निर्माण का कार्य चल रहा था। इस कार्य में करीब 50 मजदूर लगे हुए थे। मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे, तभी अचानक मौसम ने करवट ले ली और तेज बारिश शुरू हो गई।
बारिश से बचने के लिए कई मजदूर पास के एक पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर आ गिरी, जिसकी चपेट में वहां खड़े मजदूर आ गए।
उपसरपंच समेत 3 मजदूरों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में गांव के उपसरपंच धनराज पटेल समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली गिरते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
5 मजदूर अस्पताल में भर्ती
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच मजदूर घायल भी हुए हैं। घायलों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। सभी को तत्काल अंतागढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, हालांकि कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पूरे इलाके में शोक का माहौल
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एक साथ तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मौसम अचानक खराब हुआ और किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी
प्रदेश में इन दिनों प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग लगातार लोगों को खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ या ऊंचे स्थानों के पास नहीं रुकने की सलाह दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली कड़कने और बारिश के दौरान सुरक्षित भवनों में शरण लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।
